सऊदी अरब और नेपाल के बीच हुआ नया हवाई समझौता, अब दोनों देशों के बीच उड़ानों का रास्ता हुआ साफ.

सऊदी अरब और नेपाल ने आपसी विमानन सहयोग को मजबूत करने और दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क को विस्तार देने के लिए एक औपचारिक द्विपक्षीय एयर ट्रांसपोर्ट सर्विसेज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किया। इस समझौते को आधिकारिक तौर पर 31 अगस्त 2026 को साइन किया गया था, जिसकी घोषणा सऊदी प्रेस एजेंसी द्वारा 2 सितंबर 2026 को की गई थी। इस नए विकास से पहले नेपाल की कैबिनेट ने 19 अगस्त 2026 को संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव को मंजूरी दी थी ताकि इस समझौते की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
पुराने समझौते की जगह लेगा नया नियम
यह नया समझौता साल 1999 से चले आ रहे पुराने मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग यानी एमओयू की जगह लेगा। नेपाल के पर्यटन मंत्रालय के प्रवक्ता जया नारायण आचार्य के अनुसार, उड़ानों को पूरी कानूनी क्षमता और अधिकारों के साथ संचालित करने के लिए यह औपचारिक समझौता बेहद जरूरी था। इससे उड़ानों की संख्या, गंतव्यों और एयरलाइन के अधिकारों को लेकर पूरी तरह से स्पष्ट नियम तय हो गए हैं। नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के सूचना अधिकारी ज्ञानेन्द्र भुल ने बताया कि इस समझौते से मार्केट के अधिकार बढ़ेंगे और पोखरा तथा भैरहवा के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों से भी उड़ानें शुरू होने की संभावना बनेगी।
प्रवासियों और तीर्थयात्रियों को होगा बड़ा फायदा
सऊदी अरब नेपाल के नागरिकों के लिए एक बेहद अहम देश है क्योंकि वहां बड़ी संख्या में नेपाली कामगार नौकरी करते हैं। इसके अलावा हज और उमरा यात्रा के लिहाज से भी यह रास्ता बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस रूट पर पहले से सेवा दे रही नेपाल एयरलाइंस कॉर्पोरेशन और हिमालय एयरलाइंस जैसी कंपनियों को इस बढ़ी हुई क्षमता का सीधा फायदा मिलेगा। नेपाल एयरलाइंस कॉर्पोरेशन ने इस नए नियामक ढांचे के तहत मिलने वाले अधिकारों का पूरा लाभ उठाने के लिए एक कमर्शियल एक्शन प्लान तैयार करने की योजना बनाई है। इस बारे में अधिक जानकारी Saudi Press Agency की आधिकारिक वेबसाइट पर देखी जा सकती है।