Saudi Arabia: सऊदी अरब में कड़ा एक्शन, भीख मांगते हुए पकड़े गए दो बांग्लादेशी नागरिक.

सऊदी अरब में कड़े नियमों के बीच प्रशासन ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में सुरक्षा बलों ने Tabuk क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए दो बांग्लादेशी नागरिकों को भीख मांगते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। यह घटना 3 सितंबर 2026 की है, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने इन दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बारे में आधिकारिक जानकारी आधिकारिक स्रोतों से सामने आई है, जिसे आप Saudi Press Agency पर देख सकते हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और विशेष रूप से भारतीय कामगारों के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि वहां कानून कितने सख्त हैं और नियमों का उल्लंघन करने पर किस तरह की बड़ी मुसीबत खड़ी हो सकती है।
सऊदी अरब का एंटी-बेगिंग कानून और सजा के कड़े नियम
सऊदी अरब सरकार ने देश में भीख मांगने की प्रथा को पूरी तरह से खत्म करने के लिए 16 सितंबर 2021 को एंटी-बेगिंग कानून लागू किया था। इस कानून के तहत किसी भी सार्वजनिक या निजी जगह पर, यहां तक कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भी पैसे या किसी अन्य रूप में मदद मांगना पूरी तरह प्रतिबंधित है। अगर कोई व्यक्ति इस कानून का उल्लंघन करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे 6 महीने तक की जेल या फिर 50,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना या दोनों सजाएं एक साथ मिल सकती हैं। इसके अलावा जो लोग भीख मांगने वाले गिरोहों को चलाते हैं या लोगों को इसके लिए उकसाते हैं, उनके लिए सजा और भी ज्यादा कड़ी है। ऐसे मामलों में दोषियों को अधिकतम एक साल की जेल और 100,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।
प्रवासियों के लिए डिपोर्टेशन और आजीवन बैन का नियम
अगर कोई विदेशी नागरिक सऊदी अरब में भीख मांगते हुए दोषी पाया जाता है, तो सजा और जुर्माना पूरा होने के बाद उसे तुरंत उसके देश डिपोर्ट कर दिया जाता है। इतना ही नहीं, ऐसे प्रवासियों पर सऊदी अरब में दोबारा काम करने के लिए आने पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया जाता है। इसमें केवल वे लोग छूट की श्रेणी में आते हैं जिनकी शादी किसी सऊदी नागरिक से हुई हो। बार-बार अपराध करने वाले यानी रिपीट Offenders के लिए सजा का प्रावधान दोगुना कर दिया जाता है और भीख मांगकर जुटाई गई सारी संपत्ति को सरकार द्वारा जब्त कर लिया जाता है। खाड़ी देशों में कमाने जाने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों को हमेशा इन नियमों को ध्यान में रखना चाहिए ताकि किसी भी गैर-कानूनी काम से बचा जा सके।
दान देने के लिए आधिकारिक प्लेटफॉर्म का करें इस्तेमाल
सऊदी अरब का Ministry of Interior और पब्लिक सिक्योरिटी विभाग देश की सुरक्षा बनाए रखने और धर्मार्थ दान के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए इन नियमों का सख्ती से पालन कर रहा है। अधिकारियों ने आम जनता को सलाह दी है कि वे सड़क पर किसी को पैसा देने के बजाय केवल सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त और लाइसेंस प्राप्त प्लेटफॉर्म्स के जरिए ही दान दें। इन सुरक्षित प्लेटफॉर्म्स में Ehsan, Furijat, Jood Housing, Sahem और Tarahum शामिल हैं। यदि कोई नागरिक या प्रवासी कहीं भी भीख मांगने की घटना देखता है, तो वह तुरंत इसकी सूचना दे सकता है। रियाद, मक्का और पूर्वी प्रांतों में लोग 911 नंबर पर कॉल कर सकते हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों के लिए आपातकालीन नंबर 999 तय किया गया है।