सऊदी अरब में दो बांग्लादेशी नागरिकों को फांसी दिए जाने पर ढाका ने नाराजगी जताई और परिवार ने मांगा न्याय

Gautam Sahu20 October 20263 min read0 viewsSaudi
सऊदी अरब में दो बांग्लादेशी नागरिकों को फांसी दिए जाने पर ढाका ने नाराजगी जताई और परिवार ने मांगा न्याय

ढाका: सऊदी अरब में आपराधिक आरोपों के चलते दो बांग्लादेशी नागरिकों को फांसी दिए जाने पर बांग्लादेश सरकार ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। सरकार ने विशेष रूप से नजरुल इस्लाम की फांसी के मामले में सूचना साझा करने और राजनयिक संचार में कमी का मुद्दा उठाया है।

विदेश राज्य मंत्री हुमायून कोबिर ने सोमवार को बताया कि बांग्लादेशी सरकार ने सऊदी अधिकारियों से इन फांसी की घटनाओं पर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने कहा कि सरकार इस बात की जांच कर रही है कि संचार प्रक्रिया में कहां चूक हुई।

कोबिर के मुताबिक बांग्लादेश और सऊदी अरब के बीच गहरे संबंध हैं और दोनों देश जेनेवा कन्वेंशन के हस्ताक्षरकर्ता हैं। उन्होंने इस घटना में सूचनाओं के आदान-प्रदान में कमी को निराशाजनक बताया और कहा कि दोनों पक्ष कमियों की जांच के लिए चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि चूंकि सजा पहले ही पूरी हो चुकी है, इसलिए अब मुआवजे की संभावना नहीं है।

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इस मामले में 22 वर्षीय नजरुल इस्लाम की मौत ने सबका ध्यान खींचा है। उसके परिवार का आरोप है कि उन्हें फांसी की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई और न ही उन्हें हस्तक्षेप करने का मौका मिला। नजरुल के पिता अब्दुल बशीर ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को आर्थिक स्थिति सुधारने की उम्मीद में 7 लाख टका कर्ज लेकर सऊदी अरब भेजा था।

नजरुल 10 नवंबर 2022 को बांग्लादेश से गया था और वहां क्लीनर के तौर पर काम करता था। परिवार को मीडिया रिपोर्टों के जरिए पता चला कि मक्का में 14 अक्टूबर को उसे फांसी दे दी गई। वह करीब तीन साल और तीन महीने जेल में रहा था।

बशीर ने कहा कि कर्जदाता अब उनसे पैसे वापस मांग रहे हैं। उन्होंने अपने बेटे के शव को वापस लाने और अगर बिना किसी उचित कारण के फांसी दी गई है, तो न्याय की मांग की है। परिवार के अनुसार, सऊदी पुलिस ने नजरुल और स्वीटी अख्तर नाम की एक युवती को मक्का में एक मस्जिद के पास 'अनैतिक कार्य' के आरोप में गिरफ्तार किया था।

नजरुल की मां रहीमा बेगम ने बताया कि जेल में रहने के दौरान उनका बेटा नियमित रूप से फोन पर बात करता था, लेकिन फांसी की कोई अग्रिम सूचना नहीं मिली। रिश्तेदारों ने यह भी बताया कि नजरुल की मौत की खबर सुनकर उसकी बुआ की दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई।

परिवार ने बांग्लादेश सरकार से इस मामले की जांच करने और सरकारी खर्च पर शव को वापस लाने की अपील की है। वहीं, ब्राह्मणबारिया के उपायुक्त मोहम्मद अबू सईद ने बताया कि प्रशासन को अभी तक परिवार से कोई आवेदन नहीं मिला है, लेकिन नियम के अनुसार शव वापस लाने में मदद की जाएगी।

विदेश मंत्री कोबिर ने उम्मीद जताई कि सऊदी अरब किसी भी बांग्लादेशी नागरिक की गिरफ्तारी या आपराधिक कार्यवाही की सूचना ढाका को देगा, ठीक वैसे ही जैसे बांग्लादेश रियाद को सूचित करता है। इस मामले में विदेश मंत्रालय ने ढाका स्थित सऊदी दूतावास से संपर्क किया और रविवार को सऊदी राजदूत अब्दुल्ला बिन जाफर एच बिन अबिया को स्पष्टीकरण के लिए बुलाया गया।

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