सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला, रियाद एयरपोर्ट और अरामको रिफाइनरी को बनाया निशाना

सऊदी अरब एक बार फिर यमन के हूती विद्रोहियों के निशाने पर आया है। हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने सऊदी अरब के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन्स के जरिए बड़े हमले किए हैं। इन हमलों में रियाद का किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और रबीघ में स्थित अरामको रिफाइनरी मुख्य निशाने पर थे, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने टेलीग्राम के जरिए बताया कि उनके समूह ने तीन बड़े सैन्य ऑपरेशन चलाए। उन्होंने दावा किया कि रियाद एयरपोर्ट पर किया गया हमला बिल्कुल सटीक था, जिससे हवाई यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। वहीं, रबीघ की अरामको रिफाइनरी पर हमले के बाद वहां भीषण आग लग गई। इसके अलावा, हूती विद्रोहियों ने अबहा एयरपोर्ट, खामिस मुशायत एयर बेस और असिर के अकिफा कैंप सहित नजरान और जिज़ान के अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को भी निशाना बनाया।
सऊदी अरब की कड़ी प्रतिक्रिया और चेतावनी
इन हमलों के बाद सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए हूती मिलिशिया की इन हरकतों की तीव्र निंदा की है। मंत्रालय ने कहा कि हूती विद्रोही लगातार नागरिकों और आर्थिक केंद्रों को निशाना बना रहे हैं, जो कि पूरी तरह से आतंकवाद की श्रेणी में आता है। सऊदी सरकार ने इस बात पर गहरा दुख जताया कि मक्का और मदीना जैसे पवित्र स्थलों के साथ-साथ रियाद और अन्य शहरों पर बार-बार हमले किए जा रहे हैं।
सऊदी अरब ने स्पष्ट किया कि वह 2014 से यमन में राजनीतिक समाधान खोजने की कोशिश कर रहा है, लेकिन हूती विद्रोही शांति के बजाय सैन्य तनाव को चुन रहे हैं। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपनी क्षेत्रीय अखंडता, संसाधनों और नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने और आत्मरक्षा के अपने अधिकार को दोहराया है।
दूसरी ओर, हूती विद्रोहियों का कहना है कि ये हमले सऊदी अरब द्वारा यमन में किए गए हवाई हमलों का जवाब हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले 24 घंटों में सऊदी ने सना और अन्य प्रांतों में 60 हवाई हमले किए, जिनमें महिलाओं और बच्चों सहित कई नागरिक मारे गए। हूतियों ने अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को भी चेतावनी दी है कि वे सऊदी हवाई क्षेत्र का उपयोग करने में सावधानी बरतें, हालांकि उन्होंने मक्का और मदीना के हवाई क्षेत्र को इस चेतावनी से बाहर रखा है।