Saudi Arabia: पाकिस्तान की मस्जिद में हुए भीषण आतंकी हमले पर सऊदी अरब ने जताई कड़ी नाराजगी, दिए बड़े बयान.

सऊदी अरब की सरकार ने पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुई एक दर्दनाक घटना पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इस भयानक आतंकी हमले में 16 बेकसूर लोगों की जान चली गई, जबकि लगभग 57 लोग बुरी तरह घायल हो गए। यह घटना जुमे की नमाज के दौरान हुई, जब आम नागरिक इबादत के लिए इकट्ठा हुए थे। सऊदी प्रशासन ने इस वीभत्स कृत्य की तीखी शब्दों में निंदा की है और पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
सऊदी विदेश मंत्रालय का आधिकारिक बयान
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए आधिकारिक बयान में साफ कहा गया है कि देश इबादत की जगहों को निशाना बनाने वाले हमलों का कड़ा विरोध करता है। मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि निर्दोष नागरिकों में डर पैदा करना और खून-खराबा करना किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। सऊदी सरकार ने आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ पाकिस्तान का साथ देने की पूरी बात कही है, चाहे हालात कैसे भी हों और हमले के पीछे कोई भी वजह क्यों न बताई जा रही हो। इस मुश्किल समय में सऊदी अरब ने पाकिस्तान की सरकार और वहां की जनता के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाई है और घायलों के जल्द से जल्द ठीक होने की दुआ की है।
कैसे हुआ यह खतरनाक हमला
यह आत्मघाती हमला कोहाट जिले में एक पुलिस कंपाउंड के पास बनी मस्जिद को निशाना बनाकर किया गया। जिस वक्त नमाज पढ़ी जा रही थी, उसी समय हमलावर ने विस्फोटक से भरी गाड़ी को सीधे मस्जिद से टकरा दिया। इस जोरदार धमाके के बाद कुछ हथियारबंद हमलावरों ने पास ही बने पुलिस स्टेशन में घुसने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस वालों और आतंकवादियों के बीच ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि मरने वालों में पुलिसकर्मी और आम नागरिक दोनों शामिल हैं।
अस्पतालों में घायलों का इलाज जारी
विस्फोट इतना ज्यादा खतरनाक था कि मस्जिद की इमारत को भारी नुकसान पहुंचा है और पुलिस स्टेशन की बाहरी दीवार भी पूरी तरह ढह गई है। ज्यादातर घायल लोग वे नमाजी हैं जो उस समय मस्जिद के अंदर मौजूद थे। कई लोगों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, जिसकी वजह से मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अस्पताल के डॉक्टर घायलों को बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बहुत कड़ी कर दी गई है और जांच एजेंसियों ने अपनी पड़ताल शुरू कर दी है ताकि इस साजिश में शामिल बाकी लोगों का पता लगाया जा सके।