सऊदी अरब में कड़ा सुरक्षा अभियान: 9,992 अवैध निवासी डिपोर्ट

सऊदी अरब में कानून और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रशासन लगातार सख्त कदम उठा रहा है। हाल ही में देश भर में चलाए गए एक व्यापक संयुक्त निरीक्षण अभियान के दौरान हजारों की संख्या में नियम तोड़ने वाले प्रवासियों को पकड़ा गया है। गृह मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इन अभियानों के बाद भारी मात्रा में अवैध प्रवासियों को उनके देश वापस भेजा जा चुका है।
एक हफ्ते में हुई हजारों गिरफ्तारियां
सऊदी अरब में सुरक्षा बलों द्वारा 24 सितंबर से 30 सितंबर के बीच एक विशेष अभियान चलाया गया था। इस एक हफ्ते के दौरान कुल 11,819 लोगों को रेजिडेंसी, लेबर और बॉर्डर सिक्योरिटी कानूनों का उल्लंघन करते हुए गिरफ्तार किया गया। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक:
- रेजिडेंसी कानून का उल्लंघन: 5,793 मामले सामने आए।
- बॉर्डर सिक्योरिटी कानून का उल्लंघन: 3,307 लोग पकड़े गए।
- लेबर लॉ का उल्लंघन: 2,719 लोगों पर कार्रवाई की गई।
इन ताबड़तोड़ कार्रवाइयों के बाद कुल 9,992 अवैध प्रवासियों को देश से डिपोर्ट कर दिया गया है। इसके अलावा, हजारों अन्य लोगों को उनके दस्तावेजों और यात्रा प्रबंधों के लिए संबंधित राजनयिक मिशनों के पास भेजा गया है।
सीमा पार करने की अवैध कोशिशें
अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान 1,382 लोगों को देश में अवैध रूप से घुसपैठ करने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया। इनमें से 61 प्रतिशत लोग इथियोपिया के और 38 प्रतिशत यमन के नागरिक थे, जबकि शेष 1 प्रतिशत अन्य देशों से थे। इसके अलावा, 32 लोगों को देश से अवैध रूप से बाहर जाने का प्रयास करते हुए दबोचा गया।
प्रशासन ने उन लोगों पर भी शिकंजा कसा है जो इन घुसपैठियों की मदद कर रहे थे। नियमों का उल्लंघन करने वालों को परिवहन, आश्रय या रोजगार देने के आरोप में 19 लोगों को हिरासत में लिया गया है। वर्तमान में, 32,139 expatriates (29,934 पुरुष और 2,205 महिलाएं) के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
गृह मंत्रालय की कड़ी चेतावनी
सऊदी प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि देश के कानूनों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि अवैध प्रवासियों को आश्रय, नौकरी या गाड़ी से लाने-ले जाने जैसी मदद देने वालों पर बेहद सख्त कार्रवाई होगी। ऐसा करने वालों को 15 साल तक की जेल, 10 लाख सऊदी रियाल तक का जुर्माना और वाहन तथा संपत्ति जब्त करने जैसी सजा मिल सकती है।
आम जनता से अपील की गई है कि वे किसी भी नियम उल्लंघन की सूचना तुरंत संबंधित इमरजेंसी नंबरों (मक्का, रियाद और पूर्वी प्रांत में 911, और अन्य क्षेत्रों में 999 या 996) पर दें।