Saudi Arabia पर ड्रोन और मिसाइल हमला, रियाद और Yanbu में मची अफरातफरी

Praggya Singh sabal20 September 20262 min read216 viewsSaudi
Saudi Arabia पर ड्रोन और मिसाइल हमला, रियाद और Yanbu में मची अफरातफरी

सऊदी अरब की राजधानी रियाद और Yanbu शहर पर 19 सितंबर 2026 को अचानक मिसाइल और ड्रोन से हमले किए गए, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। इस खतरनाक हमले के बाद मिस्र यानी Egypt ने कड़ी निंदा की है और इसे देश की सुरक्षा और स्थिरता पर बड़ा हमला बताया है। मिस्र के अधिकारियों ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है, जिसे किसी भी कीमत पर सही नहीं ठहराया जा सकता है। इस पूरी घटना के बाद से खाड़ी देशों में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है और सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह से सतर्क कर दिया गया है।

हूती विद्रोहियों ने ली हमले की जिम्मेदारी

हूती विद्रोहियों ने इन हमलों की पूरी जिम्मेदारी ली है और कहा कि सना में हुई सैन्य कार्रवाई का बदला लेने के लिए यह कदम उठाया गया है। जानकारी के मुताबिक, रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फ्यूल स्टोरेज एरिया में एक बड़ा धमाका हुआ और वहां से काले धुएं का गुबार उठता हुआ देखा गया। इसके अलावा Yanbu में Aramco की फैसिलिटी के पास एक टैंकर में भी आग लगने की खबर सामने आई है। इस हमले के बाद स्थानीय प्रशासन ने तुरंत एहतियात बरतते हुए एयर रेड अलर्ट जारी कर दिया था और लोगों को अपने घरों के अंदर ही रहने की सलाह दी थी ताकि किसी भी तरह के बड़े नुकसान से बचा जा सके।

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सऊदी एयर डिफेंस ने नाकाम किए कई हमले

सऊदी अरब की मजबूत एयर डिफेंस प्रणाली ने अपनी मुस्तैदी दिखाते हुए राजधानी रियाद की तरफ बढ़ रही एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया। इसके अलावा Taif, Baish, Farasan और Yanbu की तरफ दागे गए अन्य हमलों को भी समय रहते विफल कर दिया गया। सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता Major General Turki al-Maliki ने हूती विद्रोहियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि वे लगातार आम नागरिकों और जरूरी बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि गठबंधन सेना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के दायरे में रहते हुए इस तरह की हरकतों का करारा जवाब देने का पूरा अधिकार रखती है। इस बारे में अधिक जानकारी Saudi Press Agency की आधिकारिक वेबसाइट पर भी साझा की गई है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और क्या प्रतिक्रियाएं आईं

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UN Security Council ने पहले ही 18 सितंबर 2026 को इस तरह के हमलों की कड़ी निंदा की थी और सऊदी अरब के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया था। इसके अलावा तुर्की के विदेश मंत्री Hakan Fidan ने भी इस आक्रामकता की निंदा की और एक त्रिपक्षीय रक्षा समझौते के तहत सऊदी अरब को हरसंभव सैन्य सहायता देने की बात कही। जुलाई 2026 में तनाव बढ़ने के बाद से रियाद पर यह पहला ऐसा हमला है, जिसने एक बार फिर से क्षेत्रीय शांति पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। इस पूरे मामले को लेकर State Information Service Egypt की रिपोर्ट में भी क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की चेतावनी दी गई है।

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