Saudi Arabia पर ड्रोन हमला: अरब लीग ने की सऊदी की पूरी मदद, इराक सीमा बंद होने पर आया बड़ा फैसला।

अरब लीग के महासचिव ने सऊदी अरब के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाने का आधिकारिक ऐलान किया है। उन्होंने यह साफ कर दिया है कि देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा को बचाने के लिए किंगडम द्वारा उठाए गए हर कदम का पूरा समर्थन किया जाएगा। यह बड़ा बयान ऐसे समय में सामने आया है जब क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर मध्य पूर्व में हलचल तेज हो गई है। 12 सितंबर 2026 को एक बड़ा कदम उठाते हुए इराकी सरकार ने ईरान के साथ अपनी तीन सीमा चौकियों को पूरी तरह से बंद कर दिया था। इन सीमाओं में बसरा प्रांत की शलमेह, मिसान की अल-शिब और दियाला के केंद्रीय प्रांत की अल-मंडली चौकी शामिल थीं।
सीमाओं को बंद करने के पीछे की मुख्य वजह
इराक द्वारा यह सीमाएं एहतियाती उपाय के रूप में बंद की गई थीं। इससे पहले 10 सितंबर या 11 सितंबर 2026 को सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन पर ड्रोन से हमला किया गया था। रियाद और बगदाद दोनों ने इस बात की पुष्टि की थी कि ये सभी ड्रोन इराकी क्षेत्र से ही लॉन्च किए गए थे। इस घटना के बाद सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इराकी सिक्योरिटी मीडिया सेल ने तुरंत एक व्यापक सुरक्षा पुनर्गठन योजना की घोषणा की। इसके तहत हथियारों की तस्करी रोकने और हमलावरों का पता लगाने के लिए सीमा चौकियों पर खुफिया तंत्र को और अधिक सक्रिय कर दिया गया। हालांकि शुरुआत में पूरी तरह से आवाजाही बंद थी, लेकिन बाद में अधिकारियों ने प्रभावित चौकियों से फंसे हुए यात्रियों को जाने की अनुमति दे दी थी।
इराक में बड़े प्रशासनिक और सैन्य बदलाव
इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जादी, जिन्हें मोहम्मद शिया अल-सुदानी के नाम से भी जाना जाता है, ने मिसान प्रांत के ऑपरेशंस कमांड की औपचारिक जांच के आदेश दिए। शुरुआती सबूतों से संकेत मिला था कि ड्रोन उसी इलाके से उड़े थे। इस बड़ी चूक के बाद कार्रवाई करते हुए प्रांत के सैन्य कमांडर और प्रांतीय पुलिस प्रमुख को उनके पदों से तुरंत हटा दिया गया। हालांकि तेहरान समर्थित इराकी सशस्त्र समूहों ने पाइपलाइन हमले में किसी भी तरह की संलिप्तता से साफ इनकार किया है। इसके बावजूद इराकी सरकार इस घटना के असली दोषियों की तलाश में लगातार बड़े पैमाने पर अभियान चला रही है ताकि अपराधियों को पकड़ा जा सके।
सऊदी अरब का रुख और आगे की रणनीति
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि उन्होंने इराकी प्रधानमंत्री के अनुरोध पर फिलहाल तुरंत किसी भी तरह की जवाबी कार्रवाई नहीं करने का फैसला किया है। इस कदम का उद्देश्य बगदाद सरकार को अपनी सीमाओं को सुरक्षित करने और अपनी जमीन से उठने वाले खतरों को पूरी तरह से खत्म करने के लिए पर्याप्त समय देना है। इसके बावजूद किंगडम ने यह बात बहुत स्पष्ट कर दी है कि यदि भविष्य में सुरक्षा का उल्लंघन करने की कोई भी कोशिश दोबारा की जाती है, तो देश के बुनियादी ढांचे, नागरिकों और निवासियों की रक्षा के लिए सऊदी अरब के पास जवाबी कार्रवाई करने का पूरा अधिकार सुरक्षित है।