Saudi Arabia पर ड्रोन हमला नाकाम, मक्का के पास गिराया गया विस्फोटक.

Praggya Singh sabal17 September 20263 min read29 viewsSaudi
Saudi Arabia पर ड्रोन हमला नाकाम, मक्का के पास गिराया गया विस्फोटक.

मध्य पूर्व के देशों में हालात फिर से तनावपूर्ण हो चुके हैं क्योंकि यमन के ईरान समर्थित Houthi विद्रोहियों ने सऊदी अरब के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की है। इस ताजा घटनाक्रम से पूरे खाड़ी क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और आम लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। मंगलवार की शाम को सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता Turki al-Maliki ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि रॉयल सऊदी एयर डिफेंस ने मक्का के दक्षिण में एक संदिग्ध ड्रोन को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया। यह ड्रोन प्रतिबंधित एयरस्पेस में घुसने की कोशिश कर रहा था जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया।

सऊदी अरब ने हमले को बताया कायरतापूर्ण हरकत

सऊदी सरकार ने इस घटना को एक कायरतापूर्ण आतंकवादी हमला और रेड लाइन करार दिया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन और संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने भी पूरी तरह से सऊदी अरब का समर्थन किया है और दो पवित्र मस्जिदों की रक्षा के लिए हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। हालांकि दूसरी तरफ हूती सैन्य प्रवक्ता Yahya Saree ने पवित्र स्थल को निशाना बनाने की बात से साफ इनकार किया है और इन सभी दावों कोरी झूठ और मनगढ़ंत करार दिया है।

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दावे और संघर्ष की जमीनी हकीकत

ड्रोन हमलों की इन खबरों के साथ ही हूती विद्रोहियों ने एक वीडियो फुटेज भी जारी किया है जिसमें एक क्षतिग्रस्त विमान का मलबा दिखाया गया है। उनका दावा है कि यह विमान सऊदी F-15SA जेट है जिसका टेल नंबर 5539 है। समूह का कहना है कि उनके लड़ाकों ने मारिब के रेगिस्तान में स्थानीय स्तर पर बनी सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का इस्तेमाल करके इस विमान को मार गिराया है। हालांकि स्वतंत्र रूप से इस बात की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है, लेकिन जानकारों का मानना है कि विमान के निशान रॉयल सऊदी एयर फोर्स के उपकरणों से मेल खाते हैं। सऊदी प्रशासन ने अभी तक इस विमान के नुकसान की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

इसके अलावा हूती प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि उनके लड़ाकों ने यान्बू ऑयल पोर्ट और खामिस मुशायठ एयरबेस पर भी ड्रोन और मिसाइल से हमले किए हैं। ये सभी हमले पिछले एक हफ्ते से चल रही भारी जंग के बीच हुए हैं। इस दौरान ताएज, मारिब और होदेइदाह में लगभग 450 से ज्यादा सऊदी हवाई हमले किए गए हैं। वीरवार को हुए हमलों में अब्स इलाके में एक आम नागरिक की मौत की खबर है और ताएज में टेलीकॉम टावर भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

आर्थिक और कूटनीतिक मोर्चे पर हलचल

इस लगातार बढ़ते तनाव के बीच आर्थिक स्थिरता पर भी बहुत बुरा असर पड़ रहा है। ऊर्जा के मुख्य रास्ते जैसे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और बाब अल-मदब जलडमरूमध्य पर खतरा मंडरा रहा है। हूती विद्रोहियों ने फिलहाल मोचा, धुबाब और पेरिम द्वीप पर कब्जा कर रखा है। इन हालात की वजह से ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़कर $108 प्रति बैरल तक पहुंच गईं और बाद में थोड़ी स्थिर हुईं। वहीं अमेरिका में डीजल की कीमतें $6.30 प्रति गैलन से ज्यादा हो गई हैं। अमेरिकी व्हाइट हाउस ने भी यमन सीमा के पास काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए यात्रा से जुड़ी गाइडलाइन में बदलाव किया है।

इन सबके बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बयान दिया है कि उनका मानना है कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष अब खत्म होने की कगार पर है। उन्होंने तेहरान की तरफ से किसी संभावित समझौते को लेकर मिले सीधे संदेशों का हवाला दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप अगले हफ्ते होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन, कुमान और ओमान के नेताओं के साथ युद्ध के बाद की रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं। ओमान में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर चल रही कूटनीतिक बातचीत में पहले भी रुकावट आई थी क्योंकि सऊदी अरब और बहरीन ने कुछ मुद्दों पर आपत्ति जताई थी। 16-17 सितंबर 2026 की रिपोर्ट्स के अनुसार खाड़ी देशों के बीच ईरान के प्रभाव और इस संघर्ष से निपटने के तरीकों को लेकर अलग-अलग रुख देखने को मिल रहा है।

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