Saudi Arabia पर ड्रोन हमला, अमेरिकी राष्ट्रपति बोले सब ठीक हो जाएगा, इराक ने की जांच शुरू.

Aanya12 September 20262 min read26 viewsSaudi
Saudi Arabia पर ड्रोन हमला, अमेरिकी राष्ट्रपति बोले सब ठीक हो जाएगा, इराक ने की जांच शुरू.

सऊदी अरब और खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि मौजूदा हालात और हमलों से जुड़ी चिंताएं जल्द ही ठीक हो जाएंगी। अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है जब सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman ने दो फोन कॉल पर सीधी अमेरिकी सैन्य मदद की मांग की थी। हालांकि अमेरिका ने अभी यमन के हूती विद्रोहियों के खिलाफ सीधे सैन्य एक्शन से इनकार कर दिया है, लेकिन सऊदी अरब को लगातार खुफिया जानकारी और टार्गेट से जुड़ी मदद दी जा रही है। इसी सिलसिले में अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख Admiral Brad Cooper ने भी सऊदी अरब का दौरा किया था।

पेट्रोलाइन पाइपलाइन पर ड्रोन हमला और इराक का एक्शन

बीते 12 सितंबर 2026 को सऊदी अरब में एक ड्रोन हमले के बाद महत्वपूर्ण ईस्ट-वेस्ट पेट्रोलाइन पाइपलाइन पर कामकाज रोक दिया गया था। इसके बाद इराक ने पुष्टि की कि यह ड्रोन उसकी मयसान प्रांत से आए थे, जो ईरान की सीमा के पास है। इस घटना के बाद इराकी प्रधानमंत्री Mohammed Shia al-Sudani ने तुरंत जांच के आदेश दे दिए हैं। इसके साथ ही मयसान प्रांत के सैन्य कमांडर को हटा दिया गया है और ईरान से सटी सीमा पर सुरक्षा कड़ी करते हुए शलाम्चेह बॉर्डर क्रॉसिंग को भी बंद कर दिया गया है। वहीं सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह देश की रक्षा करने का पूरा अधिकार सुरक्षित रखता है, लेकिन इराक को इस सुरक्षा चूक को सुधारने का मौका देने के लिए अभी जवाबी कार्रवाई रोक रहा है।

लाल सागर और हॉर्मूज जलडमरूमध्य में तनाव

दूसरी तरफ ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने यमन के पूरे लाल सागर तट और रणनीतिक परिम यानी मायुन द्वीप पर कब्जा कर लिया है। हूती विद्रोही लगातार दक्षिणी सऊदी अरब की तरफ ड्रोन और मिसाइल से हमले कर रहे हैं। इसके अलावा Strait of Hormuz भी इस संघर्ष का मुख्य केंद्र बना हुआ है, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई से हुई थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड अभी भी ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी किए हुए है। इस बीच तेहरान ने ओमान में सोमवार को खाड़ी देशों के साथ एक बैठक का प्रस्ताव रखा है, जिसमें हॉर्मूज जलडमरूमध्य की स्थिति पर चर्चा की जाएगी। खाड़ी सहयोग परिषद यानी GCC ने पाइपलाइन पर हुए इस हमले को बेहद खतरनाक escalation बताया है और इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा माना है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin
Share:

Comments

Leave a comment