Saudi Arabia पर ड्रोन हमला, कई देशों ने की निंदा और सऊदी अरब को दिया पूरा समर्थन.

Sushma Kumari12 September 20262 min read44 viewsSaudi
Saudi Arabia पर ड्रोन हमला, कई देशों ने की निंदा और सऊदी अरब को दिया पूरा समर्थन.

सऊदी अरब के रियाद और मदीना इलाकों में स्थित ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन पर हुए ड्रोन हमलों के बाद पूरी दुनिया में खलबली मच गई है। इन खतरनाक हमलों की वजह से देश के महत्वपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा है और कई आम नागरिक भी घायल हुए हैं। इस घटना के बाद कई अरब और इस्लामिक देशों ने आगे आकर इसकी कड़ी निंदा की है और सऊदी सरकार के प्रति अपना समर्थन जताया है।

विदेशी मंत्रालयों और संगठनों का कड़ा रुख

पाकिस्तान, मिस्र, इराक, जॉर्डन, सीरिया, सूडान, ओमान, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत, बहरीन, फलस्तीन, लेबनान और लिबिया समेत कई देशों ने अपने आधिकारिक बयानों में इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है। इन सभी देशों के विदेश मंत्रालयों ने साफ कहा कि इस तरह से नागरिकों और जरूरी संस्थानों को निशाना बनाना संयुक्त राष्ट्र चार्टर और सऊदी अरब की संप्रभुता के खिलाफ एक गंभीर अपराध है। इन देशों ने यह भी भरोसा दिलाया कि वे इस मुश्किल समय में सऊदी अरब के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं।

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अरब लीग और मुस्लिम वर्ल्ड लीग की प्रतिक्रिया

Arab League के महासचिव Nabil Fahmy ने इन हमलों की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे कदम क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के साथ-साथ ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा करते हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि किसी भी अरब देश की जमीन का इस्तेमाल दूसरे देश पर हमला करने के लिए नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, मुस्लिम वर्ल्ड लीग (MWL) के महासचिव और ऑर्गेनाइजेशन ऑफ मुस्लिम स्कॉलर्स के चेयरमैन Sheikh Mohammed Al-Issa ने इन हमलों को क्रूर और आपराधिक कृत्य करार दिया जो धार्मिक और मानवीय नियमों के बिल्कुल खिलाफ हैं। उन्होंने बताया कि ये ड्रोन हमले कथित तौर पर इराक के भीतर से लॉन्च किए गए थे।

स्थानीय निकायों और संसदों की निंदा

इस पूरे मामले पर Arab Parliament ने भी अपनी नाराजगी जताई और रियाद तथा मदीना के तेल ठिकानों पर हुए हमलों की कड़े शब्दों में भर्त्सना की। इराक की तरफ से भी इस पर आधिकारिक बयान सामने आया, जहां इराकी काउंसिल ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के स्पीकर Haibat Al-Halbousi ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इस बात को स्वीकार किया कि ये हमले इराकी सीमा के अंदर से ही शुरू किए गए थे। सऊदी अरब के इन जरूरी इलाकों पर हुए हमलों ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है और तमाम देश अब मिलकर इस खतरे से निपटने की बात कह रहे हैं।

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