Saudi Arabia: सऊदी अरब में ईस्ट वेस्ट पाइपलाइन बंद, दुनिया भर में तेल सप्लाई पर मंडराया बड़ा खतरा.

दुनिया भर में तेल की सप्लाई को लेकर एक बहुत बड़ी और गंभीर खबर सामने आ रही है। हाल ही में हुए हमलों के बाद सऊदी अरब ने अपनी बेहद अहम East West pipeline को पूरी तरह से बंद कर दिया है। इस अचानक आए बड़े संकट की वजह से रोज होने वाले 4 million barrels के तेल एक्सपोर्ट पर सीधा खतरा पैदा हो गया है। इस बड़ी मुश्किल से आम आदमी से लेकर अंतरराष्ट्रीय व्यापार तक सब पर असर पड़ने की पूरी आशंका जताई जा रही है।
तेल की सप्लाई और ट्रांसपोर्ट रूट का हाल
मौजूदा हालात को देखें तो दुनिया के कई मुख्य समुद्री रास्ते और पाइपलाइनें गंभीर खतरे की चपेट में हैं। सऊदी अरब की East West pipeline के बंद होने से बाजार से रोजाना 4 million barrels तेल कम हो गया है। इसके अलावा Bab el Mandeb Strait में भी हालात ठीक नहीं हैं और वहां से गुजरने वाले 9 million barrels रोजाना के तेल सप्लाई पर संकट मंडरा रहा है। वहीं दूसरी तरफ Strait of Hormuz का रास्ता अपनी सामान्य क्षमता के सिर्फ 20 percent पर ही काम कर रहा है। इसका सीधा मतलब यह है कि इस रास्ते से रोजाना होने वाले तेल केरोबार में 15 million barrels की भारी कमी आ चुकी है।
वैश्विक बाजार और आम जिंदगी पर असर
दुनिया भर के बाजारों में कुल तेल की खपत लगभग 100 million barrels per day के आसपास है। ऐसे में इन तीनों मुख्य रास्तों और पाइपलाइनों के बंद होने या खतरे में आने से ग्लोबल एनर्जी मार्केट हिल गया है। यह आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी ऊर्जा सप्लाई की समस्याओं में से एक मानी जा रही है। इस बड़ी रुकावट का असर सीधे तौर पर ईंधन की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ रहा है। जो लोग खाड़ी देशों में रहते हैं या जो परिवार भारत और अन्य देशों से ताल्लुक रखते हैं, उनके लिए भी आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो सकता है क्योंकि तेल के दाम बढ़ने से हर चीज पर असर पड़ता है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और अधिकारियों का कदम
शुक्रवार को East West pipeline पर हुए हमलों के बाद ही इसे तुरंत प्रभाव से बंद करने का फैसला लिया गया था। हालांकि अभी तक अधिकारियों की तरफ से यह साफ नहीं किया गया है कि यह पाइपलाइन कितने दिनों तक बंद रहेगी। मध्य पूर्व के देशों में लगातार बढ़ रही सुरक्षा चिंताओं की वजह से अब शिपिंग कंपनियों और एनर्जी फर्मों के लिए पुराने रास्तों पर भरोसा करना मुश्किल हो गया है। Bab el Mandeb Strait जो लाल सागर और गल्फ ऑफ़ अदन के बीच जहाजों के आने-जाने का मुख्य रास्ता है, वहां भी तनाव बढ़ता जा रहा है। बाजार से जुड़े लोगों और जानकारों का मानना है कि जब तक इन सभी रास्तों पर सुरक्षा पूरी तरह से बहाल नहीं होती, तब तक ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। सरकारें और ऊर्जा एजेंसियां इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि कैसे इस बड़े संकट से निपटा जाए ताकि आने वाले महीनों में दुनिया को ईंधन की भारी कमी का सामना न करना पड़े।