Saudi Arabia Economy: सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था में नॉन-ऑयल सेक्टर का जलवा, दूसरे क्वार्टर में दर्ज हुई 0.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी.

सऊदी अरब में तेल के अलावा दूसरे व्यवसायों और सरकारी कामों में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। साल 2026 के दूसरे क्वार्टर के दौरान देश में नॉन-ऑयल और सरकारी गतिविधियों में 0.9 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़े जारी करने वाले विभाग GASTAT यानी जनरल अथॉरिटी फॉर स्टैटिस्टिक्स ने इसके बारे में पूरी जानकारी साझा की है। इस दौरान कई क्षेत्रों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है जिससे देश के बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है।
कौन से सेक्टर में हुई सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
आंकड़ों के अनुसार कम्युनिटी, सोशल और पर्सनल सर्विसेज के क्षेत्र में सबसे ज्यादा 4.1 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसके बाद फाइनेंस, इंश्योरेंस और बिजनेस सर्विसेज का नंबर आता है जिसमें 3.3 प्रतिशत की तेजी आई। कृषि, वानिकी और मछली पालन के क्षेत्र में भी 2.6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। अगर पिछले क्वार्टर के मुकाबले बात की जाए तो इन तीनों सेक्टरों में क्रमशः 0.6 प्रतिशत, 0.7 प्रतिशत और 0.9 प्रतिशत की तिमाही वृद्धि देखी गई है।
ओवरऑल जीडीपी पर तेल सेक्टर का असर
दूसरी तरफ अगर देश की कुल यानी ओवरऑल रियल जीडीपी की बात करें तो साल 2025 के दूसरे क्वार्टर के मुकाबले इसमें 4.7 प्रतिशत की गिरावट आई है। इस गिरावट की मुख्य वजह तेल गतिविधियों में आई 24.8 प्रतिशत की भारी कमी है। सालाना रियल जीडीपी में नॉन-ऑयल गतिविधियों का योगदान 0.6 प्रतिशत रहा जबकि सरकारी कामों और टैक्स का योगदान 0.1 प्रतिशत दर्ज किया गया। वहीं दूसरी तरफ तेल सेक्टर की वजह से अर्थव्यवस्था को 5.4 प्रतिशत का नकारात्मक असर झेलना पड़ा है।
विदेशी व्यापार और खर्च के आंकड़े
खर्च के मामलों को देखें तो सरकार का फाइनल खर्च साल-दर-साल 5 प्रतिशत बढ़ा है जबकि फिक्सड कैपिटल फॉर्मेशन में 2.7 प्रतिशत और प्राइवेट खर्च में 0.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। विदेशी व्यापार के मोर्चे पर भी बड़े बदलाव आए हैं जहां एक्सपोर्ट में सालाना आधार पर 24.6 प्रतिशत की गिरावट आई है और इम्पोर्ट भी 14.8 प्रतिशत कम हुआ है। GASTAT के मुताबिक सालाना आंकड़े बिना सीजनल एडजस्टमेंट के निकाले जाते हैं जबकि तिमाही आंकड़े पिछले क्वार्टर के हिसाब से देखे जाते हैं।