सऊदी अरब के सुधारों ने ग्लोबल एनर्जी संकट से दुनिया को बचाया

दुनियाभर में जब भी ऊर्जा संकट या आर्थिक उथल-पुथल की बात आती है, तो निवेशकों की धड़कनें तेज हो जाती हैं। लेकिन हाल ही में इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) यानी अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने एक ऐसा सच सामने रखा है, जो हर किसी को हैरान और खुश दोनों कर रहा है। मध्य पूर्व में छिड़े तनाव और युद्ध के सात महीने बाद भी वैश्विक अर्थव्यवस्था एक बड़े झटके से बाल-बाल बच गई। इसका मुख्य श्रेय सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों के उन दूरदर्शी आर्थिक सुधारों को जाता है, जिन्हें उन्होंने समय रहते लागू किया था।
स्ट्रेट ऑफ हार्मुज से तेजी से बदला गया सप्लाई रूट
किसी भी देश के लिए ऊर्जा आपूर्ति की श्रृंखला यानी सप्लाई चेन की रीढ़ उसकी लॉजिस्टिक्स होती है। जब संकट के बादल मंडराए, तो सऊदी अरब और खाड़ी देशों ने बिना वक्त गंवाए अपनी रणनीति बदली। आईएमएफ की रिपोर्ट के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ हार्मुज से तेल और अन्य जरूरी सामानों के परिवहन को बेहद तेजी से दूसरे वैकल्पिक रास्तों पर डायवर्ट किया गया। इस त्वरित कदम ने वैश्विक बाजार को एक भीषण ऊर्जा संकट से महफूज रखा।
नॉन-ऑयल सेक्टर और मजबूत बुनियादी ढांचा
सिर्फ तेल के भरोसे रहने की पुरानी धारणा को पीछे छोड़ते हुए, खाड़ी देशों ने अपने गैर-तेल (नॉन-ऑयल) सेक्टर को मजबूत करने पर जोर दिया है।:
- सऊदी अरब, यूएई और बहरीन के नॉन-ऑयल उद्योगों ने इस संकट के प्रभावों को बेअसर करने में अहम भूमिका निभाई।
- ऊर्जा बुनियादी ढांचे और आधुनिक लॉजिस्टिक्स सेवाओं में किए गए भारी निवेश ने सप्लाई चेन की लचीलापन क्षमता को कई गुना बढ़ा दिया।
- सरकारों ने समय रहते कदम उठाते हुए शिपिंग से जुड़ी बाधाओं को दूर किया।
आम जनता और कारोबारियों को मिला संबल
संकट के समय किसी भी अर्थव्यवस्था की असली परीक्षा तब होती है जब वह अपने नागरिकों और कारोबारियों का साथ निभाती है। खाड़ी देशों की सरकारों ने इस मोर्चे पर भी बेहतरीन मिसाल पेश की। आईएमएफ ने बताया कि संकट के बीच परिवारों और व्यवसायों को राहत दी गई, साथ ही बैंकों में तरलता (लिक्विडिटी) बनाए रखने के लिए पुख्ता उपाय किए गए, ताकि आर्थिक पहिया बिना किसी रुकावट के घूमता रहे।
भविष्य के लिए बड़े रणनीतिक कदम
आने वाले समय में ऐसी किसी भी आपदा से पूरी तरह निपटने के लिए खाड़ी देश अभी से तैयार हैं। आईएमएफ ने जोर देकर कहा है कि जीसीसी रेलवे (GCC Railway) और सऊदी लैंड ट्रांसपोर्ट ब्रिज जैसे मेगा प्रोजेक्ट्स का पूरा होना बेहद अहम है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से भविष्य में स्ट्रेट ऑफ हार्मुज के संभावित अवरोधों से होने वाले आर्थिक नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। सऊदी अरब के इन सुधारों ने न सिर्फ खुद को बल्कि पूरी दुनिया को एक नई दिशा दिखाई है।