सऊदी अरब में महिलाओं को फंसाकर लूट और हत्या करने वाले को मौत की सजा

सऊदी अरब में न्याय व्यवस्था की सख्ती का एक और बड़ा मामला सामने आया है। देश के मक्का शहर में एक ऐसे अपराधी को मौत के घाट उतार दिया गया है, जिसने महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर पहले लूटपाट की और फिर उनकी हत्या जैसे जघन्य अपराध को अंजाम दिया था। इस सख्त कार्रवाई के बाद देश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि समाज में कानून व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
क्या था पूरा मामला और कैसे हुआ खुलासा
गृह मंत्रालय की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दोषी की पहचान मोहम्मद बिन अकरम बिन मोहम्मद बदकूक के रूप में हुई है। अपराधी ने बेहद शातिर तरीके से अलग-अलग समय पर तीन महिलाओं को एक सुनसान इलाके में बुलाया था। उस एकांत जगह पर पहुंचने के बाद वह महिलाओं के साथ लूटपाट करता था। इस दौरान उसने एक महिला के साथ दुष्कर्म किया, दूसरी महिला के साथ भी दुष्कर्म का प्रयास किया और अंत में एक बेकसूर महिला की बेरहमी से हत्या कर दी थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए देश की सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत हरकत में आते हुए आरोपी को धर दबोचा। इसके बाद मामले की सुनवाई एक विशेष अदालत में चली, जहां तमाम सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपी को 'हिराह' (समाज में अशांति फैलाने, सम्मान व संपत्ति का हनन करने और निर्दोषों की जान लेने) के गंभीर अपराध का दोषी ठहराया गया।
अदालत का फैसला और शाही मुहर
विशेष अदालत द्वारा सुनाई गई सजा-ए-मौत के फैसले को बाद की अदालतों (अपीलीय अदालतों) ने भी पूरी तरह से सही ठहराया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस फैसे को लागू करने के लिए शाही आदेश जारी किया गया, जिसके तहत शनिवार को मक्का शहर में इस सजा को अमलीजामा पहनाया गया।
प्रशासन की कड़ी चेतावनी
सऊदी गृह मंत्रालय ने इस घटना के बाद एक बार फिर दोहराया है कि सरकार देश के नागरिकों और यहाँ रहने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मंत्रालय ने अपने बयान में कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति आम लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालेगा या इस तरह के हिंसक और जघन्य अपराधों में संलिप्त पाया जाएगा, उसे कानून के दायरे में रहकर ऐसी ही कठोर सजा भुगतनी होगी।