सऊदी अरब में नए बिजनेस के लिए विदेशी वर्क वीजा की सीमा तय, अब एक बार में सिर्फ पांच विदेशी कर्मचारी ही रख सकेंगे कंपनियां
सऊदी अरब ने नए बिजनेस के लिए विदेशी वर्क वीजा की संख्या सीमित कर दी है ताकि स्थानीय नागरिकों को ज्यादा रोजगार मिल सके।

रियाद: सऊदी अरब के मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय (MHRSD) ने नए व्यवसायों के लिए विदेशी वर्क वीजा की संख्या सीमित करने की नई नीति लागू की है। इस नियम के तहत दो साल से कम समय से चल रहे बिजनेस अब एक आवेदन चक्र में अधिकतम पांच विदेशी कर्मचारियों के लिए ही इंस्टेंट वर्क वीजा ले पाएंगे।
डिजिटल किवा (Qiwa) प्लेटफॉर्म के जरिए लागू किए गए इस कदम का मकसद नई कंपनियों में विदेशी कर्मचारियों की अंधाधुंध भर्ती को रोकना है। सरकार चाहती है कि स्टार्टअप्स विजन 2030 के लक्ष्यों के अनुरूप सऊदी नागरिकों को नौकरी देने को प्राथमिकता दें।
वहीं, उन कंपनियों के लिए नियम अलग हैं जो दो साल से ज्यादा समय से काम कर रही हैं। ऐसी स्थापित फर्में एक चक्र में 50 इंस्टेंट वीजा ले सकती हैं। इसके अलावा, एस्टेब्लिशमेंट प्रोग्राम में शामिल कंपनियों को शुरुआत में दो वीजा दिए जाएंगे, जिसे उनके सौदीकरण (Saudization) दर में सुधार के आधार पर बढ़ाया जाएगा।
किवा प्लेटफॉर्म पर इंस्टेंट वर्क वीजा पाने के लिए कंपनियों के पास एक्टिव कमर्शियल रजिस्ट्रेशन और वैध वर्क परमिट होना जरूरी है। साथ ही, उनका सौदीकरण स्तर 'मीडियम ग्रीन' या उससे ऊपर होना चाहिए। कंपनियों को वेज प्रोटेक्शन सिस्टम का पालन करना होगा और अबशेर व मुकीम जैसे सरकारी प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त बैलेंस रखना होगा। दस या उससे ज्यादा कर्मचारी रखने वाली कंपनियों को सालाना सेल्फ-असेसमेंट भी करना होगा।
मंत्रालय ने 2026 तक स्थानीयकरण के प्रयासों को तेज कर दिया है। 4 अक्टूबर 2026 से सेक्रेटरी, एचआर और डेटा एंट्री जैसे 69 प्रशासनिक सहायता पेशों में 100 प्रतिशत सौदीकरण का नियम पूरी तरह लागू हो गया है। इसके बाद 27 अक्टूबर 2026 से अकाउंटिंग पेशों में 50 प्रतिशत स्थानीयकरण की अनिवार्यता शुरू होगी।
इससे पहले 19 फरवरी को निताकात मुतवर प्रोग्राम की घोषणा की गई थी, जिसका लक्ष्य निजी क्षेत्र में 3.40 लाख से ज्यादा नौकरियों का स्थानीयकरण करना है। 15 अप्रैल को यह अनिवार्य किया गया कि सौदीकरण कोटा में गिनती के लिए किवा पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से दस्तावेजीकृत अनुबंध होना जरूरी है। मंत्री अहमद अल-राजही ने 1 जुलाई 2025 से विदेशी वर्क परमिट को हाई-स्किल, स्किल्ड और बेसिक श्रेणियों में बांटने की व्यवस्था भी लागू की थी।