सऊदी अरब में 2025 विदेशी निवेश 33.5 प्रतिशत बढ़कर 159.1 अरब रियाल

सऊदी अरब: सऊदी अरब में 2025 में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) का प्रवाह 33.5 प्रतिशत बढ़कर 159.1 अरब रियाल पहुंच गया। 2024 में यह 119.2 अरब रियाल था। यह जानकारी जनरल अथॉरिटी फॉर स्टैटिस्टिक्स (GASTAT) के मुताबिक है।
देश में कुल विदेशी निवेश भंडार (FDI स्टॉक) 2025 के अंत तक 8.3 प्रतिशत बढ़कर 1.06 ट्रिलियन रियाल हो गया। शुद्ध विदेशी निवेश प्रवाह 1.7 प्रतिशत बढ़कर 81.4 अरब रियाल रहा, जो 2024 में 80 अरब रियाल था।
विदेशी निवेश का बहिर्प्रवाह (outflow) 98.5 प्रतिशत बढ़कर 77.7 अरब रियाल हो गया। पिछले साल यह 39.2 अरब रियाल था।
निवेश प्रवाह में निर्माण गतिविधियां सबसे आगे रहीं, जिनमें 34.5 अरब रियाल (21.7 प्रतिशत) आया। इसके बाद विनिर्माण में 33.4 अरब रियाल (21 प्रतिशत) और प्रशासनिक व सहायक सेवाओं में 22.4 अरब रियाल (14.1 प्रतिशत) रहा।
बहिर्प्रवाह में विनिर्माण सबसे ऊपर रहा, जहां 25.2 अरब रियाल (32.4 प्रतिशत) गया। उसके बाद निर्माण में 14.8 अरब रियाल (19 प्रतिशत) और थोक व खुदरा व्यापार तथा मोटर वाहन व मोटरसाइकिल की मरम्मत में करीब 11 अरब रियाल (14.1 प्रतिशत) रहे।
देशवार शुद्ध निवेश में लक्ज़मबर्ग 24.4 अरब रियाल के साथ सबसे आगे रहा। संयुक्त अरब अमीरात और मिस्र 9.4-9.4 अरब रियाल के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि यमन 5.2 अरब रियाल के साथ इसके बाद रहा।
कुल FDI स्टॉक में संयुक्त अरब अमीरात 170.7 अरब रियाल के साथ पहले नंबर पर है। लक्ज़मबर्ग 125.3 अरब रियाल और अमेरिका 73 अरब रियाल के साथ इसके बाद हैं। स्टॉक में विनिर्माण सबसे बड़ा हिस्सा रहा, जो 285.4 अरब रियाल (27 प्रतिशत) है।
GASTAT के अनुसार विदेशी प्रत्यक्ष निवेश वह दीर्घकालिक निवेश संबंध है, जिसमें विदेशी निवेशक किसी उद्यम में 10 प्रतिशत या उससे अधिक मतदान शक्ति रखता है। इससे उसे उस उद्यम के फैसलों पर एक हद तक नियंत्रण या प्रभाव मिलता है।