हूती हमलों के बीच सऊदी अरब में होने वाला FII समिट स्थगित अब यह आयोजन साल 2027 में होगा

रियाद (सऊदी अरब): सऊदी अरब में अगले हफ्ते होने वाला फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव (FII) समिट अब स्थगित कर दिया गया है। हूतियों द्वारा किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट समेत देश के बुनियादी ढांचे और रणनीतिक ठिकानों पर बढ़ते मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण यह फैसला लिया गया है। अब यह आयोजन साल 2027 में किया जाएगा।
FII इंस्टीट्यूट की मुख्य कार्यकारी महा बिंत मिशारी अल सऊद ने आधिकारिक वेबसाइट पर जारी संदेश में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समिट का दसवां संस्करण 'द पावर ऑफ लेगेसी' पहले 26 से 29 अक्टूबर 2026 तक रियाद में होना था, लेकिन अब इसे 2027 के लिए रीशेड्यूल किया गया है।
अल सऊद ने कहा कि यह फैसला पार्टनर्स, सदस्यों, वक्ताओं और प्रतिनिधियों के प्रति प्रतिबद्धता के कारण लिया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चूंकि यह दसवां ऐतिहासिक संस्करण है, इसलिए वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि यह आयोजन पूरी भव्यता और गुणवत्ता के साथ हो, जिसकी उम्मीद उनके समुदाय को रहती है। उन्होंने बताया कि 2027 की नई तारीखों की घोषणा जल्द ही की जाएगी।
संस्थान ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में सभी रजिस्ट्रेशन और पार्टनरशिप पूरी तरह मान्य रहेंगे। FII इंस्टीट्यूट की टीमें आने वाले दिनों में लोगों से सीधे संपर्क कर उनके सवालों के जवाब देंगी।
इस समिट को अनौपचारिक रूप से 'डेवोस इन द डेजर्ट' भी कहा जाता है। इसके जरिए सऊदी अरब अपनी उन महत्वाकांक्षी निवेश योजनाओं को प्रदर्शित करता है, जिनका लक्ष्य हाइड्रोकार्बन से हटकर पर्यटन, खेल और तकनीक के क्षेत्र में आर्थिक बदलाव के लिए अरबों डॉलर जुटाना है।
मिडल ईस्ट इंस्टीट्यूट के मुताबिक, हूती उत्तर-पश्चिमी यमन में 1980 के दशक में भ्रष्टाचार और विदेशी प्रभाव से लड़ने के लिए शुरू किया गया एक राजनीतिक-सैन्य गुट और ज़ैदी धार्मिक आंदोलन है। यह समूह ईरान के 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' का मुख्य सदस्य है और हॉर्न ऑफ अफ्रीका के अन्य उग्रवादी संगठनों के साथ भी इसके संबंध हैं।
हूती समूह ने 2004 में यमन सरकार और 2009 में सऊदी अरब के खिलाफ हमले शुरू किए थे। हाल के समय में हूतियों ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों, ऊर्जा केंद्रों और सैन्य ठिकानों जैसे प्रमुख बुनियादी ढांचों पर लगातार हमले किए हैं, जिसके बाद इस महत्वपूर्ण समिट को टालना पड़ा है।