सऊदी अरब की जीडीपी में 3.8% की गिरावट, तेल क्षेत्र में भारी कमी से अर्थव्यवस्था प्रभावित
सऊदी अरब की जीडीपी 2026 की तीसरी तिमाही में 3.8% गिरी। तेल गतिविधियों में भारी कमी से अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा, हालांकि गैर-तेल क्षेत्र बढ़ा।

रियाद: सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लगा है। जनरल अथॉरिटी फॉर स्टैटिस्टिक्स (GASTAT) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 2026 की तीसरी तिमाही में देश की वास्तविक जीडीपी में सालाना आधार पर 3.8% की गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट 2025 की इसी अवधि की तुलना में देखी गई है।
अर्थव्यवस्था में इस गिरावट की मुख्य वजह तेल क्षेत्र में आई बड़ी कमी है। आंकड़ों के अनुसार, तेल गतिविधियों में 20.4% की गिरावट आई है, जबकि सरकारी गतिविधियों में भी 2.7% की कमी दर्ज की गई है।
हालांकि, इस दबाव के बीच गैर-तेल क्षेत्र ने मजबूती दिखाई है। इस सेक्टर में 1.9% की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसने अर्थव्यवस्था को कुछ सहारा दिया है।
अगर तिमाही आधार पर तुलना करें, तो 2026 की दूसरी तिमाही के मुकाबले तीसरी तिमाही में वास्तविक जीडीपी में 1.3% की बढ़ोतरी हुई है। इस सुधार में तेल गतिविधियों में 5.7% और गैर-तेल गतिविधियों में 0.6% की वृद्धि का योगदान रहा, हालांकि सरकारी गतिविधियों में तिमाही आधार पर 1.2% की गिरावट आई।
सालाना जीडीपी वृद्धि दर पर असर की बात करें तो तेल गतिविधियों ने सबसे ज्यादा नकारात्मक प्रभाव डाला और यह 4.7 प्रतिशत अंक नीचे रही। सरकारी गतिविधियों का योगदान भी 0.4 प्रतिशत अंक नकारात्मक रहा। दूसरी ओर, गैर-तेल गतिविधियों ने 1.1 प्रतिशत अंक और उत्पादों पर शुद्ध करों ने 0.1 प्रतिशत अंक का सकारात्मक योगदान दिया।
GASTAT ने बताया कि ये शुरुआती अनुमान तिमाही खत्म होने के तुरंत बाद जारी किए गए हैं ताकि निर्णय लेने वालों को समय पर डेटा मिल सके। विस्तृत जानकारी अभी अंतिम रूप से तैयार की जा रही है।