Saudi पर हूती का ड्रोन और मिसाइल हमला, यूरोपियन यूनियन ने की निंदा और सऊदी अरब में मचा हड़कंप।

सऊदी अरब की शांति और सुरक्षा पर एक बार फिर बड़ा खतरा मंडराया है जब देश के विभिन्न सिविल और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। 8 सितंबर 2026 को हुई इस घटना ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में हलचल पैदा कर दी है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी कड़ी आलोचना की जा रही है। आम नागरिकों और ऊर्जा संयंत्रों पर हुए इन हमलों के बाद से स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क हो चुकी हैं।
हूती militia का हमला और नुकसान
हूती मिलिशिया ने सऊदी अरब के कई प्रमुख शहरों जैसे Abha, Khamis Mushait, Jazan और Najran को अपने हमलों का मुख्य केंद्र बनाया। इन इलाकों में हुए हमलों की वजह से कई महत्वपूर्ण जगहों पर भारी आग लग गई और अफरातफरी का माहौल बन गया। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, इन हमलों का असर देश के मुख्य ऊर्जा ढांचे पर भी पड़ा जिसके कारण Saudi Aramco की सुविधाओं पर कामकाज को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। इस खतरनाक हमले में कुल 73 नागरिक घायल हुए जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।
आधिकारिक बयान और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता Major General Turki Al Malki ने इस पूरी घटना को बहुत खतरनाक escalation बताया और इसे देश की संप्रभुता का खुला उल्लंघन करार दिया। हूती विद्रोहियों ने खुद इस हमले की जिम्मेदारी ली और कहा कि उन्होंने यमन में चल रहे सऊदी गठबंधन के अभियानों के जवाब में ऊर्जा संयंत्रों और एक सैन्य एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से हमले किए। दूसरी तरफ, European Union ने इन हमलों को पूरी तरह से अस्वीकार्य और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया। यूरोपीय संघ ने सभी प्रकार के हूती हमलों को तुरंत रोकने की मांग की और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों 2722 (2024) तथा 2826 (2026) का पालन करने पर जोर दिया। इस बारे में अधिक जानकारी Saudi Press Agency की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई है।
गल्फ देशों की कड़ी आपत्ति और शांति की कोशिशें
इस वैश्विक निंदा में गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के महासचिव Jasem Al Budaiwi भी शामिल हुए जिन्होंने इन हमलों को सीधे तौर पर आतंकवादी गतिविधियां बताया। लगातार हो रहे इन हमलों से क्षेत्र में काम कर रहे प्रवासियों और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। यूरोपीय संघ ने यह भी दोहराया कि वे यमन में स्थायी और व्यापक शांति स्थापित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र और क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।