Saudi Arabia पर हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला, बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के पास तनाव और गहराया.

सऊदी अरब और ईरान समर्थित हूती बलों के बीच तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है और दोनों पक्षों के बीच लाल सागर के पास लगातार संघर्ष देखने को मिल रहा है। यह पूरा मामला बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के पास का है जो समुद्री व्यापार के लिए बहुत ज्यादा जरूरी रास्ता माना जाता है। इस संघर्ष की वजह से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं और इलाके में सुरक्षा को लेकर बड़ा खतरा पैदा हो गया है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि कई देशों के नागरिकों और कामगारों पर भी इसका असर पड़ना शुरू हो गया है जो इन इलाकों में रहते हैं।
शिप ट्रैफिक में आई भारी गिरावट
हूती बलों ने यमन के पूरे लाल सागर तट पर अपना कब्जा जमा लिया है जिसमें मोचा और धुबाब जैसे पोर्ट शहर शामिल हैं। इसके अलावा पेरिम और हानिश द्वीप भी अब उनके नियंत्रण में आ चुके हैं। शनिवार, 12 सितंबर 2026 को इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में अचानक पचास प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक केवल 15 जहाज ही इस रास्ते से गुजर पाए जबकि उससे पिछले दिन 30 जहाजों ने आवाजाही की थी। संयुक्त राष्ट्र की माइग्रेशन एजेंसी ने जानकारी दी है कि इस नए फौजी अभियान की वजह से पिछले हफ्ते से अब तक लगभग 46,000 लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति का बड़ा खुलासा
शनिवार, 12 सितंबर 2026 को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि हूती लड़ाकों ने अमेरिका से यह गुजारिश की है कि वह इस लड़ाई में दखलंदाजी न करे। ट्रंप ने बताया कि उन्होंने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की तरफ से गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को आए दो अनुरोधों को ठुकरा दिया था जिसमें हूती समूह पर अमेरिकी हमले करने की बात कही गई थी। ट्रंप के अनुसार हूती लड़ाके सीधे तौर पर अमेरिका से कोई दुश्मनी मोल नहीं लेना चाहते हैं और वे ज्यादातर कमर्शियल जहाजों को उस समुद्री रास्ते से सुरक्षित निकलने दे रहे हैं।
सऊदी अरब की पाइपलाइन बंद और मिसाइल हमला
इराक की तरफ से आए ड्रोन हमलों के बाद हालात और ज्यादा बिगड़ गए जिसके चलते सऊदी अरब को शुक्रवार, 12 सितंबर 2026 को अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को अस्थायी तौर पर बंद करना पड़ा। इसके जवाब में हूती बलों ने सऊदी अरब के शरूराह इलाके में एक सैन्य ठिकाने पर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे। हूती लड़ाकों का दावा है कि उन्होंने कमांड और कंट्रोल सेंटर को पूरी तरह निशाना बनाया है। इसके अलावा 12 सितंबर 2026 को ही जाजान क्षेत्र में हुए एक प्रोजेक्टाइल हमले में दो नागरिक घायल हो गए और एक मस्जिद तथा आसपास की इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा। हूती संगठनों ने आधिकारिक तौर पर सऊदी जहाजों के लिए समुद्री नाकाबंदी का ऐलान कर दिया है और आने वाले दिनों में और अधिक हमले करने की धमकी भी दी है।
सऊदी और यमनी सेना का पलटवार
इन तमाम हमलों के बाद सऊदी अरब और यमनी सरकार की सेनाओं ने मिलकर कड़ा जवाब देना शुरू कर दिया है। फौजी बलों ने मोचा शहर में हूती ठिकानों पर जोरदार एयरस्ट्राइक की है जिसमें वहां का एयरपोर्ट और हूती गाड़ियों के काफिले को मुख्य रूप से निशाना बनाया गया है। दूसरी तरफ ईरानी अधिकारियों ने हूती बलों की इन सफलताओं को एक बड़ी जीत बताया है जिससे खाड़ी देशों में राजनीतिक और सामरिक तनाव और ज्यादा भड़क गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की पैनी नजर बनी हुई है ताकि क्षेत्रीय शांति को बचाया जा सके।