सऊदी अरब पर हूती ड्रोन का बड़ा हमला, मक्का के पास मची तबाही और एक नागरिक की मौत.

खाड़ी देशों में एक बार फिर से तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है, जहाँ होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान और फारस की खाड़ी के पास हालात काफी गंभीर हो गए हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने यह दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में टोगो के झंडे वाले एक तेल टैंकर जिसका नाम 'Trend' है, उस पर हमला कर दिया और उसे पूरी तरह से बेकार कर दिया। ईरान का यह आरोप था कि यह जहाज अवैध तरीके से वहां से गुजर रहा था। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी UKMTO ने ओमान के खासब से लगभग 16 नॉटिकल मील दूर एक समुद्री सुरक्षा घटना होने की पुष्टि की है। इस हमले के बाद जहाज पर एक प्रोजेक्टाइल आकर लगा जिससे वहां भयानक आग लग गई थी, हालांकि गनीमत यह रही कि बाद में इस आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया और किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान या तेल के फैलने की कोई खबर सामने नहीं आई है। ईरान का यह कहना था कि इस जहाज को अमेरिकी नौसेना द्वारा उकसाया गया था, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। केपलर के आंकड़ों के अनुसार, इस जलमार्ग से रोजाना गुजरने वाले टैंकरों की संख्या अब घटकर सिर्फ 4 रह गई है, जो कि हाल के औसत से काफी ज्यादा कम है।
सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों का हमला और बड़ा नुकसान
दूसरी तरफ, सऊदी नागरिक सुरक्षा विभाग ने यह जानकारी दी है कि देश के भीतर मौजूदा हूती आक्रमण से जुड़ी हुई पहली मौत दर्ज की गई है। मक्का के पूर्व में स्थित ताइफ शहर में हूती ड्रोन को हवा में ही रोककर गिराए जाने के बाद, नीचे गिरे मलबे की चपेट में आने से एक यमनी निवासी की दर्दनाक मौत हो गई। इस खतरनाक हमले में एक सऊदी महिला और एक पाकिस्तानी नागरिक भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिससे वहां की कई संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। सरकारी और हूती सूत्रों से मिली अन्य रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के भीतर दोनों पक्षों के बीच भारी लड़ाई हुई है, जिसमें 23 सरकारी सैनिक और 40 हूती लड़ाके मारे जा चुके हैं। हूती विद्रोहियों का यह दावा है कि सऊदी लड़ाकू विमानों ने ताइज़, मारिब और होदेइदाह पर कुल 40 बार उड़ान भरकर हमले किए हैं। यूएई ने मक्का को निशाना बनाने के इस कायराना प्रयास की कड़ी निंदा की है, हालांकि हूती नेता अब्दुल-मलिक अल-हूती ने इस आरोप से साफ इनकार कर दिया है।
बाब एल-मदब जलडमरूमध्य पर कब्जा और अमेरिकी हथियार सौदा
हूती बलों ने मोचा और पेरिम यानी मयुन द्वीप पर अपना कब्जा जमा लिया है, जिसकी वजह से वे अब बाब एल-मदब जलडमरूमध्य पर पूरी तरह से नियंत्रण कर रहे हैं। इस बढ़ते तनाव और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए, अमेरिकी विदेश विभाग ने अमेरिकी कांग्रेस को सऊदी अरब के साथ होने वाले संभावित हथियार समझौते के बारे में आधिकारिक सूचना दे दी है। इस संभावित सौदे के तहत सऊदी अरब को $24.3 बिलियन की लागत से 48 एफ-35ए लाइटनिंग द्वितीय विमान और 49 प्रैट एंड व्हिटनी एफ-135 इंजन बेचे जाने हैं। इस प्रस्तावित सौदे को अभी 30 दिनों की अमेरिकी कांग्रेस समीक्षा अवधि से गुजरना होगा, जिसके बाद ही इस पर कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा।
राजनयिक कोशिशें और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले में कूटनीतिक प्रयास अभी भी काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं, क्योंकि ओमान में ईरान और खाड़ी देशों के बीच होने वाली एक महत्वपूर्ण बैठक को फिलहाल टाल दिया गया है। ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान यूएई के क्राउन प्रिंस खालिद बिन मोहम्मद की मुलाकात ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से हुई थी, लेकिन इसके बावजूद खाड़ी सहयोग परिषद यानी GCC की तरफ से कोई भी एक साझा रणनीति अभी तक सामने नहीं आ पाई है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र के जांचकर्ताओं ने ईरान में अमेरिकी हमलों और तेहरान द्वारा घरेलू स्तर पर की जा रही सख्ती को लेकर युद्ध अपराध की संभावना पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वहीं दूसरी तरफ, अमेरिकी नेता डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरानी अर्थव्यवस्था को बहुत कमजोर बताया है और यह बात कही है कि तेहरान अभी किसी भी तरह की डील या समझौते के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हुआ है।