Saudi Arabia पर बड़ा हमला, रियाद एयरपोर्ट और आरामको फैसिलिटी को बनाया गया निशाना.

सऊदी अरब की राजधानी Riyadh में शनिवार को एक बड़ी सुरक्षा चूक का मामला सामने आया, जब King Khalid International Airport के पास कई धमाके सुने गए। इस हमले के बाद टर्मिनल के पास बने ईंधन भंडारण डिपो से काले धुएं का गुबार उठता हुआ देखा गया। आठ मिलियन यानी अस्सी लाख की आबादी वाले इस शहर के लोगों को सऊदी सिविल डिफेंस की तरफ से एहतियात के तौर पर घरों के अंदर रहने की चेतावनी जारी की गई थी। रॉयटर की रिपोर्ट के अनुसार, आरामको ब्रांडेड ईंधन टैंकों के पास आग की लपटें साफ दिखाई दीं, जिसके कारण उड़ानों के संचालन में तुरंत बाधा उत्पन्न हुई और कई फ्लाइट्स प्रभावित हुईं।
सऊदी गठबंधन ने नाकाम किया मिसाइल हमला
सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि रियाद की तरफ दागी गई एक हूती बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया गया। गठबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि इसके अलावा Taif, Yanbu, Bisha और फरसन द्वीप समूह में नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए गए अन्य हमलों को भी पूरी तरह से विफल कर दिया गया। हूती प्रवक्ता याह्या सारी ने रियाद में संवेदनशील ठिकानों और लाल सागर के बंदरगाह शहर यानबु में आरामको सुविधाओं पर बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और ड्रोन से सफल अभियानों को अंजाम देने की जिम्मेदारी ली है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और अमेरिकी प्रतिक्रिया
यह हालिया घटना हूती विद्रोहियों द्वारा मोचा और पेरिम द्वीप पर कब्जा करने के बाद सामने आई है, जिससे बाब अल-मदब जलडमरूमध्य पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच पिछले सात महीनों से चल रहे संघर्ष के माहौल के बीच, अमेरिकी विदेश विभाग ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। विभाग ने तेजी से हालात बिगड़ने की चेतावनी देते हुए अमेरिकी नागरिकों को इस क्षेत्र की यात्रा पर दोबारा विचार करने की सलाह दी है। राष्ट्रपति ट्रम्प कैंप डेविड में अपना सप्ताहांत बिताने के बाद व्हाइट हाउस लौट आए हैं। वहीं, अमेरिकी सरकार ने सऊदी अरब के लिए $24 billion के एफ-35 पैकेज को मंजूरी दे दी है। इस पूरे घटनाक्रम पर क्षेत्रीय प्रतिक्रियाएं बंटी हुई हैं, जहां यूएई ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है, कतर मध्यस्थता की भूमिका निभा रहा है और ओमान रुकी हुई वार्ताओं की मेजबानी कर रहा है।
वैश्विक तेल बाजार और आम नागरिकों पर असर
रियाद डिपो और यानबु के बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों के बाद वैश्विक तेल बाजार में हलचल तेज हो गई है। डीजल और क्रूड ऑयल की आपूर्ति लाइनों को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं। हालांकि इन हमलों में किसी भी आधिकारिक हताहत की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में यमन में 110,000 से अधिक नागरिक अपने घरों को छोड़कर जाने को मजबूर हुए हैं। यह संघर्ष फरवरी के अंत में ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों के साथ शुरू हुआ था, जो अब बहरीन, यूएई और सऊदी अरब सहित पूरे क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे को प्रभावित कर रहा है। इस स्थिति के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और कामगारों के बीच भी चिंता का माहौल है, क्योंकि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है।