सऊदी अरब पर हूती हमले जारी: मिसाइल-ड्रोन से रियाद एयरपोर्ट तक तनाव

रियाद, सऊदी अरब: सऊदी अरब इन दिनों लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे से जूझ रहा है। सरकारी मीडिया और यमन की वैध सरकार का समर्थन करने वाले सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की ओर से 12 अक्टूबर 2026 को बताया गया कि सऊदी अरब अपनी हवाई सुरक्षा के जरिए इन खतरों का सामना कर रहा है। सऊदी अरब के सामने सवाल अब सिर्फ एक हमले का नहीं, बल्कि हमलों के एक सिलसिले का है।
गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-माल्की ने पुष्टि की कि हवाई सुरक्षा प्रणाली ने खामिस मुशैत की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोक दिया, जबकि पूर्वी प्रांत में एक ड्रोन को नष्ट कर दिया गया। गठबंधन ने साफ कहा है कि वह हूती विद्रोही समूह को रोकने के लिए अपने अभियान जारी रखेगा।
हूती दावे और एयरपोर्ट पर हमला
दूसरी तरफ हूती समूह के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरिया ने पिछले 24 घंटों में हुए कई हमलों की जिम्मेदारी ली है। उनके मुताबिक निशाने पर रियाद का किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, दम्माम का किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और दो अरामको ठिकाने थे। सरिया ने यह चेतावनी भी दी कि मक्का और मदीना के हवाई अड्डों को छोड़कर बाकी सऊदी एयरपोर्ट संभावित हमलों की जद में हैं। हूती पक्ष का यह भी कहना है कि इसी दौरान सऊदी लड़ाकू विमानों ने सनआ और यमन के अन्य प्रांतों में 124 हवाई हमले किए। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (GACA) के अनुसार रविवार, 11 अक्टूबर को किंग खालिद एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक पाकिस्तानी निवासी की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य लोग घायल हुए। रविवार शाम किंग फहद एयरपोर्ट पर भी हमले की खबरें आईं।
इसी बीच समुद्री मोर्चे पर भी चिंता बढ़ी है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने 12 अक्टूबर को बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक टैंकर MT PETRO DOLPHIN पर ड्रोन हमले के बाद दो भारतीय नागरिक लापता हैं।
इस बढ़ते तनाव पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं भी तेज हुई हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने 10 अक्टूबर को किंग खालिद एयरपोर्ट पर हमले की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय क