सऊदी अरब में शिकार का सीजन शुरू, 1 सितंबर से 31 जनवरी तक लागू रहेगा नया नियम.

सऊदी अरब में वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए आधिकारिक तौर पर शिकार के सीजन की शुरुआत हो चुकी है। यह विशेष अवधि आज यानी 1 सितंबर 2026 से शुरू होकर आगामी 31 जनवरी 2027 तक पूरी तरह से लागू रहेगी। नेशनल सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ यानी NCW इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहा है ताकि प्राकृतिक संसाधनों का सही उपयोग हो सके और देश की जैव विविधता को बचाया जा सके। इस बारे में अधिक जानकारी NCW की आधिकारिक वेबसाइट पर साझा की गई है।
परमिट और अनुमति के कड़े नियम
सऊदी अरब में शिकार करने के इच्छुक लोगों के पास लाइसेंस प्राप्त शिकार राइफल होना अनिवार्य है। इसके अलावा 'Fitri' प्लेटफॉर्म के माध्यम से आधिकारिक परमिट लेना भी जरूरी किया गया है। सऊदी फाल्कन्स क्लब से जुड़े रजिस्टर्ड बाज पालकों को भी अपनी जरूरी अनुमतियां हासिल करने के लिए इसी पोर्टल का उपयोग करना होगा। इस नियम की पुष्टि Saudi Press Agency (SPA) द्वारा की गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि शिकार केवल उन्हीं प्रजातियों का किया जा सकता है जिनकी अनुमति दी गई है, जबकि खतरे में पड़ी प्रजातियों का शिकार करना पूरी तरह और हमेशा के लिए प्रतिबंधित है।
किन जगहों पर शिकार करना है मना
नियामक प्राधिकरणों ने कई ऐसे प्रतिबंधित क्षेत्र तय किए हैं जहाँ शिकार करना कानूनन जुर्म है। इसमें मुख्य रूप से शहरी इलाके, गांव, फार्म हाउस, विश्राम गृह और घनी आबादी वाले क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा सैन्य, औद्योगिक और महत्वपूर्ण सुविधाओं के आसपास के इलाकों में भी रोक लगाई गई है। नियोम, किड्डिया और द रेड सी प्रोजेक्ट जैसे बड़े विकास कार्यों के भीतर भी शिकार की अनुमति नहीं है। तटीय क्षेत्रों में समुद्र तट से 20 किलोमीटर अंदर तक के दायरे में भी शिकार करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा हुआ है। इन सभी पाबंदियों की विस्तृत जानकारी SPA रिपोर्ट में दी गई है।
गैर-कानूनी तरीकों पर रोक और सख्त कार्रवाई
नेशनल सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ ने शिकार के लिए कुछ खास तरीकों को पूरी तरह अवैध घोषित किया है। इसमें शॉटगन, शिकार करने वाले जाल, इलेक्ट्रॉनिक lures, रसायन, जहर, गैस, धुआं और बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल शामिल नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा चलती गाड़ियों से वन्यजीवों का पीछा करना भी पूरी तरह प्रतिबंधित है। पर्यावरण सुरक्षा के लिए विशेष बल, गृह मंत्रालय के साथ मिलकर इन सभी नियमों का सख्ती से पालन कराएंगे। जो भी व्यक्ति इन पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन करते हुए पाया जाएगा, उसे सख्त कानूनी दंड का सामना करना पड़ेगा। ये सभी नियम वैज्ञानिक शोध और अंतरराष्ट्रीय स्तर के बेहतरीन तरीकों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं ताकि लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़े।