सऊदी अरब में 'हु्रूब' स्टेटस वाले प्रवासी कामगारों के लिए बड़ी राहत, अब Qiwa से होगा जॉब ट्रांसफर

सऊदी अरब में काम कर रहे प्रवासी कामगारों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर सामने आई है। सऊदी अरब के मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय (MHRSD) ने एक नया फैसला लिया है, जिसके तहत अब 'हु्रूब' (Huroob) यानी 'अनुपस्थित' के रूप में दर्ज किए गए प्रवासी कामगार भी नए नियोक्ता (employer) के पास अपना रोजगार ट्रांसफर कर सकेंगे।
Qiwa प्लेटफॉर्म के माध्यम से होगा काम आसान
इस नई नीति के अनुसार, जो कामगार काम में रुकावट की रिपोर्ट या अनुबंध समाप्ति के कारण 'हु्रूब' स्टेटस का सामना कर रहे हैं, वे अब Qiwa इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म का उपयोग करके अपना रोजगार बदल सकते हैं। हालांकि, इसके लिए कुछ शर्तें लागू होंगी:
- निवास की अवधि: यह सुविधा केवल उन कामगारों के लिए है जो कम से कम 12 महीनों से सऊदी अरब में रह रहे हैं।
- बकाया शुल्क: नए नियोक्ता को कर्मचारी से जुड़े वर्क परमिट के सभी बकाया शुल्क का भुगतान करना होगा।
- डिजिटल प्रक्रिया: यह पूरी प्रक्रिया Qiwa प्लेटफॉर्म के माध्यम से होगी, जो 'Nafath' प्रमाणीकरण सेवा द्वारा संचालित है। ध्यान रहे कि यह प्लेटफॉर्म किसी भी कागजी दस्तावेजों को स्वीकार नहीं करता है।
विवादों का समाधान कैसे करें?
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि Qiwa प्लेटफॉर्म का उपयोग केवल सेवाओं के लिए किया जा सकता है। यदि कामगार और नियोक्ता के बीच अनुबंध को लेकर कोई विवाद होता है, तो उसे Qiwa के माध्यम से हल नहीं किया जा सकता। ऐसे मामलों के लिए कामगारों को MHRSD की 'सुलह सेवा' (amicable settlement service) या श्रम अदालत (labor court) का दरवाजा खटखटाना होगा।
नया नियम और कंपनियों के लिए शर्तें
इस कदम का मुख्य उद्देश्य सऊदी श्रम बाजार में पारदर्शिता बढ़ाना और सभी पक्षों के अधिकारों की रक्षा करना है। हालांकि, कुछ विशेष नियमों का पालन करना भी अनिवार्य है:
- सरकारी कर्मचारी: सरकारी क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों को नया अनुबंध बनाने से पहले 'Masar' प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी निकासी (clearance) पूरी करनी होगी।
- कंपनी की स्थिति: नए वर्क परमिट जारी करने के लिए, कंपनी का 'रेड जोन' (red zone) में लगातार आठ सप्ताह तक न होना आवश्यक है। हालांकि, नई कंपनियों को इस नियम से छूट दी गई है।
यह निर्णय सऊदी अरब के श्रम बाजार को और अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।