सऊदी अरब पर बड़ा ड्रोन हमला, राजधानी रियाद को निशाना बनाने वाले ड्रोन हवा में नष्ट.

Nura Basta26 September 20263 min read3 viewsSaudi
सऊदी अरब पर बड़ा ड्रोन हमला, राजधानी रियाद को निशाना बनाने वाले ड्रोन हवा में नष्ट.

शनिवार सुबह 26 सितंबर 2026 के शुरुआती घंटों में सऊदी अरब की वायु रक्षा सेना ने बड़ी कार्रवाई करते हुए यमन की तरफ से आए दो खतरनाक ड्रोन्स को हवा में ही मार गिराया। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने देश की राजधानी रियाद को निशाना बनाकर ये ड्रोन लॉन्च किए थे, जिन्हें समय रहते आसमान में ही नष्ट कर दिया गया। इस हमले के दौरान खमीस मुशैत स्थित एक एयर बेस की तरफ दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को भी सेना ने हवा में ही तबाह कर दिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। गठबंधन सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने इन हमलों और सफल इंटरसेप्शन की आधिकारिक पुष्टि की है।

नागरिक सुरक्षा और पिछले हमलों का विवरण

सऊदी अरब के नागरिक सुरक्षा विभाग ने इस घटना से पहले ही खमीस मुशैत, अभा और जाज़ान जैसे शहरों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया था। हालांकि राजधानी रियाद में किसी तरह का औपचारिक सायरन नहीं बजा, लेकिन पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रहे हमलों के कारण सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क थीं। हूती राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य हेजाम अलासाद ने इस हमले को एक बड़े पैमाने पर होने वाले संघर्ष की छोटी सी शुरुआत बताया है। इससे ठीक दो दिन पहले यानी गुरुवार को भी गठबंधन सेना ने ताif और लाल सागर स्थित यान्बु ऑयल टर्मिनल की तरफ आ रही छह बैलिस्टिक मिसाइलों को रास्ते में ही रोक दिया था। इस दौरान मक्का, जेद्दा, तबूक, यान्बु और ताइफ शहरों में सुरक्षा सायरन बज उठे थे।

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यान्बु और तेल अड्डों की सुरक्षा

रिपोर्ट्स के अनुसार, यान्बु में तैनात ग्रीक निर्मित पेट्रियोट बैटरी सिस्टम ने आने वाले खतरों का डटकर मुकाबला किया और समय रहते उन्हें निष्क्रिय कर दिया। हूती विद्रोहियों का दावा था कि उन्होंने रियाद और यान्बु में स्थित अरामको की सुविधाओं को निशाना बनाया है, हालांकि सऊदी अधिकारियों ने किसी भी तरह के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। वर्तमान में होर्मुज जलडमरूमध्य अमेरिकी और ईरानी संघर्ष के कारण काफी हद तक बंद चल रहा है, ऐसे में यान्बु सऊदी अरब के तेल निर्यात के लिए एक बहुत बड़ा और मुख्य केंद्र बना हुआ है।

क्षेत्रीय तनाव और हिंद महासागर तक युद्ध फैलने की चेतावनी

दूसरी तरफ, ईरान के सर्वोच्च नेता के सैन्य सलाहकार मेजर जनरल याह्या रहीम सफावी ने फार्स द्वारा जारी एक वीडियो में कहा कि यदि अमेरिका या इजराइल की तरफ से कोई नया हमला होता है, तो यह युद्ध लाल सागर से निकलकर सीधे हिंद महासागर तक फैल सकता है। उन्होंने विशेष रूप से डिएगो गार्सिया स्थित अमेरिकी-ब्रिटिश सैन्य बेस का भी जिक्र किया। इन बढ़ते तनावों को देखते हुए ईरान के नागरिक उड्डयन प्रवक्ता ने गुरुवार आधी रात से संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE के लिए अपनी सभी उड़ानों को रद्द करने की घोषणा कर दी है।

उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठकें और क्षेत्रीय कूटनीति

शनिवार को हुए इन हमलों से ठीक पहले रियाद में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक में मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के तहत सऊदी, पाकिस्तानी और तुर्की के सैन्य प्रमुखों ने हिस्सा लिया। सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर के साथ आपसी बातचीत में यह दोहराया कि यह आपसी रक्षा समझौता हूती हमलों के खिलाफ चल रहे मौजूदा अभियान को पूरी तरह कवर करता है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने नागरिकों की जान जोखिम में डालने वाले इन हूती हमलों की कड़ी निंदा की है, फिर भी विद्रोही लगातार अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। राहत की बात यह है कि शनिवार के इन हमलों में किसी भी बड़े नुकसान या हताहत होने की कोई आधिकारिक खबर सामने नहीं आई है, लेकिन लाल सागर के समुद्री मार्ग और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं लगातार बनी हुई हैं।

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