Saudi पर मिसाइल हमला, Taif और Yanbu को बनाया निशाना, एयर डिफेंस ने हवा में नष्ट किए सभी हथियार.

Nura Basta25 September 20263 min read10 viewsSaudi
Saudi पर मिसाइल हमला, Taif और Yanbu को बनाया निशाना, एयर डिफेंस ने हवा में नष्ट किए सभी हथियार.

सऊदी अरब के शहरों पर गुरुवार को एक बड़ा हमला हुआ जिसमें ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने कुल छह बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस अचानक हुए हमले से सऊदी अरब के कई प्रमुख शहरों में हड़कंप मच गया और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों प्रवासियों और वहां रहने वाले भारतीयों के लिए भी यह एक तनावपूर्ण स्थिति बन गई क्योंकि इस तरह के हमलों से क्षेत्रीय सुरक्षा पर सीधा असर पड़ता है। सऊदी अरब के वायु रक्षा तंत्र ने अपनी सूझबूझ दिखाते हुए सभी मिसाइलों को हवा में ही नाकाम कर दिया और कोई बड़ा नुकसान नहीं होने दिया।

सऊदी अरब के किन शहरों को बनाया गया निशाना

हूती आतंकवादियों ने मुख्य रूप से सऊदी अरब के खूबसूरत शहर ताइफ और लाल सागर के पास स्थित तेल के बड़े केंद्र यानबु को अपने निशाने पर लिया था। हमले की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि सऊदी अरब की राजधानी रियाद के अलावा मक्का, جدة यानी जेद्दा और तबुक जैसे बड़े इलाकों में भी एयर रेड सायरन बजाए गए। सायरन की आवाज सुनते ही लोग सतर्क हो गए और प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। गल्फ देशों में रहने वाले भारतीय कामगार और अन्य प्रवासी इस घटना के बाद अपने परिवारों की सुरक्षा को लेकर काफी फिक्रमंद दिखे।

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अधिकारियों ने दी आधिकारिक जानकारी

सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने मीडिया को बताया कि सऊदी अरब की एयर डिफेंस फोर्स ने पूरी मुस्तैदी दिखाते हुए सभी छह बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक बीच हवा में रोक लिया और उन्हें नष्ट कर दिया। इसके बाद सिविल डिफेंस विभाग ने भी पुष्टि कर दी कि अब किसी भी तरह का खतरा टल चुका है। राहत की बात यह रही कि ताइफ या यानबु शहर में किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान या फिर बड़े पैमाने पर तबाही की कोई आधिकारिक खबर सामने नहीं आई है। हालांकि हूती सैन्य प्रवक्ता याहिया सरेया ने दावा किया कि उन्होंने रियाद, यानबु और जाज़ान में सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से बड़ा हमला किया था, लेकिन रियाद ने राजधानी में किसी भी तरह के नुकसान की पुष्टि नहीं की है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमले की कड़ी निंदा

इस कायराना हरकत के बाद पूरी दुनिया और खाड़ी के देशों ने इस हमले की कड़ी शब्दों में निंदा की है। खाड़ी सहयोग परिषद यानी जीसीसी के महासचिव जासेम अलबुदैवि ने सऊदी अरब की सुरक्षा और उनके द्वारा उठाए जा रहे हर कदम का पूरा समर्थन करने की बात कही। कतर के विदेश मंत्रालय ने भी इन हमलों को देश की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया है। इसके अलावा फ्रांस ने यानबु की सुरक्षा के लिए अपनी सैन्य मदद देने की पेशकश की है। सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के अधिकारी आपसी रक्षा समझौते को लेकर एक आपातकालीन बैठक की तैयारी कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसे खतरों से मिलकर निपटा जा सके।

तेल की कीमतों पर पड़ा असर और सुरक्षा चुनौतियां

इस तनावपूर्ण माहौल का सीधा असर वैश्विक बाजार पर भी देखने को मिला। इस हमले के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, हालांकि बाद में दाम कुछ हद तक स्थिर हो गए। यमन के लाल सागर तट के पास मोचा और पेरिम द्वीप पर हूती विद्रोहियों की हालिया गतिविधियों और सऊदी शिपिंग पर उनकी धमकियों के बाद यह सुरक्षा संकट और गहरा गया है। बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य और हॉर्मूज जलडमरूमध्य के पास लगातार हो रही ऐसी घटनाएं गल्फ देशों में रहने वाले सभी प्रवासियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।

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