सऊदी अरब ने हवा में मार गिराईं 6 बैलिस्टिक मिसाइलें, जेद्दा और मक्का में अलर्ट जारी

Aanya25 September 20263 min read6 viewsSaudi
सऊदी अरब ने हवा में मार गिराईं 6 बैलिस्टिक मिसाइलें, जेद्दा और मक्का में अलर्ट जारी

सऊदी अरब की वायु रक्षा प्रणाली ने देश के अलग-अलग हिस्सों को निशाना बनाकर दागी गईं 6 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया है। यह हमला ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की तरफ से किया गया था, जिसका मुख्य निशाना यनबु औद्योगिक क्षेत्र और ताइफ के इलाके थे। इस हमले के तुरंत बाद Jeddah और Mecca जैसे प्रमुख शहरों में सायरन बजने लगे और सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया। सऊदी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि समय रहते सभी मिसाइलों को नष्ट कर दिया गया, जिससे किसी भी तरह का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है।

सऊदी सेना ने हवा में ही नष्ट किए हूती हमले

सऊदी गठबंधन सेना के प्रवक्ता Maj. Gen. Turki al-Malki ने इस कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि एयर डिफेंस सिस्टम ने सभी छह मिसाइलों को उनके टारगेट तक पहुंचने से पहले ही आसमान में तबाह कर दिया। दूसरी ओर, हूती प्रवक्ता Yahya Saree ने दावा किया था कि उन्होंने जाजान में सैन्य ठिकानों और रियाद तथा यनबु में संवेदनशील जगहों को निशाना बनाया है। हालांकि सऊदी अरब की सरकार ने किसी भी सैन्य या नागरिक ठिकाने पर मिसाइल गिरने की बात की पुष्टि नहीं की है। इस ताजा सैन्य तनाव की खबर आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent crude तेल की कीमतें एक हफ्ते के उच्चतम स्तर की तरफ बढ़ गईं।

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और यनबु पाइपलाइन पर दबाव

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब हूती विद्रोहियों ने यमन के लाल सागर तटवर्ती इलाके पर अपना नियंत्रण बढ़ा लिया है। लाल सागर और Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही पर लगातार असर पड़ रहा है। इसी वजह से सऊदी अरब अपने कच्चे तेल के निर्यात के लिए East-West pipeline के जरिए यनबु बंदरगाह पर अपनी निर्भरता बढ़ा रहा है। हालात उस समय और गंभीर हो गए जब ईरान के सर्वोच्च नेता के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार Yahya Rahim Safavi ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका या इसराइल ने कोई सैन्य हमला किया, तो इस लड़ाई का दायरा Indian Ocean तक फैला दिया जाएगा।

सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान की अहम बैठक

खाड़ी क्षेत्र में लगातार बिगड़ते सुरक्षा माहौल को देखते हुए Saudi Arabia, Turkey और Pakistan ने अपने सेना प्रमुखों की एक आपातकालीन बैठक बुलाई है। तीनों देश अपने संयुक्त रक्षा समझौते के तहत इस पूरे संकट और सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करेंगे। फरवरी महीने में ईरान पर हुए हमलों के बाद से ही पूरे जीसीसी इलाके का हवाई क्षेत्र तनाव में है। संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, बहरीन, कतर और जॉर्डन के ऊपर से गुजरने वाली उड़ानों पर भी इसका असर देखा जा रहा है। ओमान इस मामले में शांति और बातचीत की कोशिशें कर रहा है, लेकिन तनाव अभी थमता नहीं दिख रहा है।

खाड़ी में रह रहे प्रवासियों और भारतीय कामगारों पर असर

सऊदी अरब और आसपास के खाड़ी देशों में लाखों की संख्या में भारतीय और अन्य एशियाई प्रवासी रहते हैं। इस तरह के मिसाइल हमलों और अचानक बजने वाले सायरन से आम लोगों और प्रवासियों के बीच चिंता बढ़ जाती है। कई बार सुरक्षा कारणों से फ्लाइट्स के रूट बदलने या उड़ानों के रद्द होने की नौबत आ जाती है, जिससे भारत आने-जाने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से खाड़ी देशों में दैनिक खर्च और यात्रा लागत पर भी इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है।

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