Saudi Arabia: सऊदी अरब में 22,000 से ज्यादा प्रशासनिक फैसले जारी, प्रवासियों के लिए नया नियम लागू.

सऊदी अरब की जनरल डायरेक्टरेट ऑफ़ पासपोर्ट्स ने रबी अल-अव्वल 1448 हिजरी के महीने में एक बड़ा आंकड़ा जारी किया है। इसके तहत विभिन्न क्षेत्रीय पासपोर्ट विभागों की प्रशासनिक समितियों ने निवास, श्रम और बॉर्डर-सिक्योरिटी नियमों के उल्लंघन से जुड़े कुल 22,894 प्रशासनिक फैसले जारी किए हैं। इन मामलों में शामिल नियमों का पालन करना हर नागरिक और प्रवासी के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।
नियम तोड़ने पर क्या होगी सजा और किस पर है नजर
सऊदी प्रशासन ने साफ कर दिया है कि ये कार्रवाई किसी खास राष्ट्रीयता को ध्यान में रखकर नहीं की जा रही है, बल्कि यह कानून तोड़ने वाले सभी नागरिकों और प्रवासियों पर लागू होती है। चूंकि किंगडम में लगभग 2.74 लाख भारतीय प्रवासी रहते हैं, इसलिए वहां काम करने वाले कामगारों, छोटे दुकानदारों, ड्राइवरों, तकनीशियनों, कंस्ट्रक्शन स्टाफ, हॉस्पिटैलिटी वर्कर और सर्विस-सेक्टर के कर्मचारियों को सतर्क रहने की जरूरत है। अधिकारियों ने कड़ी चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करने वालों को नौकरी, पनाह, परिवहन या किसी भी तरह की मदद देगा, उसे भी सजा भुगतनी होगी। इन उल्लंघनों के लिए मामले की गंभीरता के हिसाब से जेल की सजा, भारी जुर्माना और देश से डिपोर्टेशन यानी निष्कासन जैसी सख्त पेनल्टी दी जा सकती है।
काम बदलने और प्रोफेशन को लेकर नया अपडेट
सऊदी मिनिस्ट्री ऑफ़ ह्यूमन रिसोर्सेज एंड सोशल डेवलपमेंट यानी HRSD के नियमों के मुताबिक, किसी भी गैर-सऊदी वर्कर को उसी पेशे में काम करना अनिवार्य है जो उसके वर्क परमिट पर दर्ज होता है। अगर कोई अपना पेशा बदलना चाहता है, तो उसे तय कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना ही होगा। बिना कानूनी अनुमति के किसी दूसरे मालिक के लिए काम करना या व्यक्तिगत रूप से काम करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। नियोक्ताओं यानी कंपनियों को भी बिना स्थापित कानूनी ट्रांसफर प्रोटोकॉल के किसी भी वर्कर को काम पर रखने की अनुमति नहीं दी गई है।
किस्वा और अजीर प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल
बीते 8 सितंबर 2026 को सऊदी HRSD ने प्रवासी कामगारों के ट्रांसफर के लिए किस्वा यानी Qiwa प्लेटफॉर्म पर डिजिटल सेवाओं को अपडेट किया है। अब वर्कर का ट्रांसफर इसी ऑफिशियल सिस्टम के जरिए पूरा होना चाहिए, जो कि पूरी तरह से ऑटोमेटेड और मुफ्त है। कामगारों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तरह के अवैध या अनौपचारिक रोजगार से दूर रहें, क्योंकि इससे वर्कर और कंपनी दोनों के लिए कानूनी मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। लेबर लॉ के आर्टिकल 38 के तहत कोई भी मालिक वर्कर की रजिस्टर्ड नौकरी के अलावा उससे दूसरा काम नहीं करवा सकता, जब तक कि इसके लिए कानूनी बदलाव न किया गया हो।
अस्थाई असाइनमेंट के लिए Ajeer प्लेटफॉर्म के जरिए वैध तरीके से काम की मंजूरी ली जा सकती है। इसके अलावा घरेलू कामगारों के मामले में, मार्च 2026 में पेश किए गए Musaned सिस्टम के जरिए कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने और काम रोकने की प्रक्रियाओं को मैनेज किया जाता है। सभी भारतीय वर्कर्स से अपील की गई है कि वे अपने इक़ामा की वैधता, रजिस्टर्ड प्रोफेशन, किस्वा एप्लॉयमेंट कॉन्ट्रैक्ट और जरूरी अजीर परमिट की समय-समय पर जांच करते रहें ताकि किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। सऊदी अधिकारियों ने दोहराया कि ये 22,894 आंकड़े सिर्फ प्रशासनिक फैसलों के हैं और किसी भी आपात स्थिति या उल्लंघन की शिकायत मक्का, मदीना, रियाद और पूर्वी प्रांत में 911 पर या किंगडम के बाकी हिस्सों में 999 पर की जा सकती है, जहां दी गई जानकारी पूरी तरह से गोपनीय रखी जाती है।