Saudi Arabia Jawazat Fees: सऊदी अरब ने जारी किया नया फीस स्ट्रक्चर, प्रवासियों और नियोक्ताओं के लिए बदले नियम

सऊदी अरब में काम करने वाले प्रवासियों और वहां की कंपनियों के लिए जरूरी खबर सामने आई है। सऊदी जनरल डायरेक्टरेट ऑफ पासपोर्ट्स यानी Jawazat ने मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय (MHRSD) के साथ मिलकर साल 2026 के लिए रेजिडेंसी यानी इqama, वीजा, आश्रितों और लेबर ट्रांसफर से जुड़े शुल्कों का पूरा ढांचा तय कर दिया है। इस बदलाव से वहां रहने वाले लाखों प्रवासियों, खासकर भारत से जाकर नौकरी करने वाले लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। आइए जानते हैं कि इस नए सिस्टम में किस काम के लिए कितना पैसा चुकाना होगा।
इकामा और वर्क पर्मिट से जुड़े नए नियम
सऊदी अरब में अधिकांश प्रवासी कर्मचारियों के लिए इकामा जारी करने और उसे नवीनीकृत यानी रिन्यू कराने का सालाना खर्च SAR 650 तय किया गया है। वहीं, घरेलू कामगारों के लिए यह फीस SAR 600 प्रति वर्ष रखी गई है। इसके अलावा नियोक्ताओं को हर महीने वर्क पर्मिट लेवी के रूप में SAR 800 चुकाने होते हैं। हालांकि, अगर कंपनी में स्थानीय सऊदी कर्मचारियों और प्रवासियों का अनुपात तय नियमों के मुताबिक सही बैठता है, तो यह लेवी घटकर SAR 700 प्रति माह हो जाती है, जो सालाना कुल SAR 9,600 बनती है। इसके साथ ही सभी गैर-सऊदी कामगारों पर हर साल SAR 100 का एक दूसरा वर्क पर्मिट लाइसेंस शुल्क भी लगता है, जबकि Absher Business ई-सेवाओं के जरिए किए जाने वाले विभिन्न लेन-देन के लिए SAR 51.75 का शुल्क लिया जाता है।
परिवार और आश्रितों के लिए फीस
सऊदी में अपने परिवार के साथ रहने वाले प्रवासियों को हर महीने प्रति आश्रित यानी डिपेंडेंट SAR 400 का भुगतान करना पड़ता है, जो सालाना हिसाब से SAR 4,800 बैठता है। हालांकि राहत की बात यह है कि कुछ खास समूहों को इन शुल्कों से छूट दी गई है, जिसमें सऊदी नागरिकों की गैर-सऊदी पत्नियां और घरेलू कामगार शामिल हैं। इन सभी शुल्कों का भुगतान करने के लिए SADAD सिस्टम या Muqeem पोर्टल का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे प्रक्रिया काफी आसान हो जाती है।
वीजा और स्पॉन्सरशिप ट्रांसफर के खर्च
साल 2026 के लिए वीजा की कीमतों में भी पूरी जानकारी दी गई है। एक साल के मल्टीपल-एंट्री टूरिस्ट ई-वीजा के लिए SAR 654 (लगभग $174) खर्च करने होते हैं। इसके अलावा उमरा ई-वीजा की कीमत $198 है और फैमिली विजिट वीजा का शुल्क SAR 300 तय किया गया है, जिसके साथ अनिवार्य मेडिकल इंश्योरेंस भी लेना होता है। अगर कोई कर्मचारी अपना स्पॉन्सर यानी नियोक्ता बदलना चाहता है, तो उसके लिए ट्रांसफर फीस अलग-अलग चरणों में बंटी हुई है। पहले ट्रांसफर के लिए SAR 2,000, दूसरे ट्रांसफर के लिए SAR 4,000 और इसके बाद के सभी ट्रांसफर के लिए SAR 6,000 शुल्क देना पड़ता है। कफाला सिस्टम खत्म होने के बाद अब ये सारे ट्रांसफर Qiwa प्लेटफॉर्म के जरिए संभाले जाते हैं, जिसके लिए वैध इकामा और निताकात नियमों का पालन करना जरूरी होता है।
नए सुधार और आर्टिकल 40 के तहत अधिकार
अधिकारियों की तरफ से साल 2026 के लिए कुछ बड़े सुधार भी लागू किए गए हैं, जिसमें 5 साल के नए फिजिकल इकामा कार्ड की शुरुआत और लेबर मोबिलिटी का विस्तार शामिल है। इसके अलावा लेबर कानून के आर्टिकल 40 के तहत यह नियम बनाया गया है कि नियोक्ता यानी कंपनी ही रिक्रूटमेंट, रेजिडेंसी परमिट, उसके नवीनीकरण और एग्जिट-रीएंट्री वीजा का सारा खर्च उठाएगी। क्षेत्रीय गड़बड़ियों की वजह से प्रभावित हुए लोगों के लिए इमरजेंसी वीजा बढ़ाने की अनुमति 18 अप्रैल 2026 तक दी गई थी। वहीं, बिना अनुमति रुकने यानी ओवरस्टे करने पर सख्त जुर्माना लगाया जा रहा है, जो SAR 50,000 तक पहुंच सकता है और साथ ही 6 महीने की जेल की सजा भी हो सकती है।