Saudi Arabia: सऊदी अरब ने दुनिया भर में बांटी मदद, KSrelief के जरिए खर्च किए 8.57 अरब डॉलर.

सऊदी अरब ने पूरी दुनिया में इंसानियत की भलाई के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है और दिल जीतने वाला काम किया है। अंतरराष्ट्रीय चैरिटी दिवस के मौके पर सामने आए आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि सऊदी अरब ने किंग सलमान ह्यूमैनिटेरियन एड एंड रिलीफ सेंटर यानी KSrelief के जरिए दुनिया भर के 113 देशों को $8.57 billion से ज्यादा की मानवीय सहायता पहुंचाई है। अगस्त 2026 तक के इन आंकड़ों के मुताबिक, सऊदी सरकार ने ग्लोबल लेवल पर कुल 4,457 अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर काम किया है, जिससे लाखों और करोड़ों जरूरतमंद लोगों को सीधा फायदा मिला है। इस मदद का मुख्य मकसद मुसीबत में फंसे लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना और उन्हें एक बेहतर जीवन देना है।
किन सेक्टरों में खर्च हुआ कितना पैसा
सऊदी अरब की तरफ से दी गई इस भारी-भरकम रकम को दुनिया भर के कई जरूरी सेक्टरों में बहुत ही समझदारी के साथ बांटा गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस फंडिंग में से सबसे ज्यादा पैसा यानी $2.31 billion से अधिक की राशि केवल फूड सिक्योरिटी और एग्रीकल्चर यानी खाद्य सुरक्षा और खेती-किसानी के लिए दी गई है, ताकि भुखमरी से जूझ रहे लोगों को खाना मिल सके। इसके अलावा, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए $2.13 billion खर्च किए गए हैं, जबकि मानवीय अभियानों के संचालन और तालमेल के लिए $1.12 billion से ज्यादा की रकम लगाई गई है। साथ ही, जरूरतमंद परिवारों के लिए छत और बिना खाने-पीने की जरूरी चीजों के वास्ते $662 million और कई क्षेत्रों में एक साथ चलने वाले प्रोजेक्ट्स के लिए $599 million की सहायता राशि दी गई है।
किन देशों को मिला सबसे ज्यादा फायदा
सऊदी अरब की इस वैश्विक राहत सूची में कई ऐसे देश शामिल हैं जो लंबे समय से युद्ध, गरीबी या प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे हैं। इस लिस्ट में सबसे बड़ा नाम Yemen का आता है, जिसे अकेले $4.79 billion से ज्यादा की मदद पहुंचाई गई है। इसके अलावा युद्ध और संकट से प्रभावित Syria को $586 million और Palestine को $547 million से अधिक की सहायता राशि दी गई है। अन्य बड़े लाभार्थियों में Somalia को $258 million से ज्यादा, Pakistan को $228.33 million से अधिक और Sudan को $196 million से ज्यादा की आर्थिक व मानवीय मदद शामिल है। सऊदी अरब के इस कदम से यह साफ पता चलता है कि वह वैश्विक स्तर पर मानवता की सेवा करने में हमेशा आगे रहता है।