Saudi Labor Law: सऊदी अरब में नौकरी छोड़ने के नए नियम, प्रवासियों को जानना जरूरी.

सऊदी अरब में काम करने वाले लाखों प्रवासियों और भारतीय कामगारों के लिए लेबर लॉ से जुड़ी बड़ी जानकारी सामने आई है। सऊदी अरब के मौजूदा श्रम नियमों के मुताबिक कोई भी कंपनी या मालिक किसी भी प्रवासी कर्मचारी को हमेशा के लिए इस्तीफा देने से नहीं रोक सकता है। सऊदी श्रम कानून में हुए संशोधनों के अनुसार, जिन्हें Royal Decree M/44 और Ministerial Decision No. 115921/1446 के तहत लागू किया गया है, अगर कोई कंपनी लिखित इस्तीफे पर 30 दिनों के भीतर जवाब नहीं देती है, तो उसे अपने आप मंजूर मान लिया जाता है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप HRSD Official Website पर विजिट कर सकते हैं।
इस्तीफा देने और वापस लेने के नियम
कंपनियों के पास यह अधिकार होता है कि वे शुरुआती 30 दिनों की समय सीमा खत्म होने से पहले लिखित रूप में ठोस कारोबारी वजह बताकर इस्तीफे की प्रक्रिया को अधिकतम 60 दिनों के लिए आगे बढ़ा सकती हैं। इसके अलावा कर्मचारियों के पास भी यह अधिकार सुरक्षित रहता है कि वे formal acceptance यानी आधिकारिक मंजूरी मिलने से पहले सात दिनों के भीतर अपने इस्तीफे को वापस ले सकते हैं। सभी तरह के इस्तीफे देश के सरकारी प्लेटफॉर्म Qiwa platform के जरिए ही लिखित रूप में जमा किए जाने जरूरी हैं, क्योंकि भविष्य की तारीख वाले इस्तीफे कानूनी तौर पर मान्य नहीं होते हैं। गैर-सऊदी कामगारों के लिए यह नियम है कि वे लिखित फिक्स्ड-टर्म कॉन्ट्रैक्ट यानी तय समय वाले समझौतों के तहत ही काम करें, क्योंकि अब मौखिक समझौतों को बिल्कुल मान्यता नहीं दी जाती है। फिक्स्ड-टर्म और अनिश्चितकालीन दोनों तरह के अनुबंधों के लिए सामान्य नोटिस पीरियड आमतौर पर 30 दिनों का होता है, जबकि मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन अनुबंधों को समाप्त करने वाले नियोक्ताओं को 60 दिनों का नोटिस देना होता है।
अधिकारियों से शिकायत और तुरंत नौकरी छोड़ने का अधिकार
सऊदी श्रम कानून के Article 81 के तहत कर्मचारियों को यह हक मिलता है कि अगर कंपनी समय पर वेतन देने, इक़ामा यानी रेजिडेंस परमिट का नवीनीकरण कराने जैसी अपनी कानूनी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं करती है या काम करने की बेहद खराब और अपमानजनक स्थिति पैदा करती है, तो कर्मचारी बिना किसी नोटिस के तुरंत नौकरी छोड़ सकते हैं। इस दौरान उनके सारे एंड-ऑफ-सर्विस यानी सेवा समाप्ति के लाभ सुरक्षित रहते हैं। किसी भी तरह के विवाद की स्थिति में कामगार अपनी बात रखने के लिए Ministry of Human Resources and Social Development (MHRSD) से संपर्क कर सकते हैं या फिर वेतन के दावों को सीधे लागू कराने के लिए न्याय मंत्रालय के 'Najiz' portal का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा साल 2026 तक के लिए लागू विधायी ढांचे में अधिकतम 180 दिनों तक के प्रोबेशन पीरियड यानी परिवीक्षा अवधि के प्रावधान भी शामिल किए गए हैं, जिससे कामगारों और कंपनियों दोनों को अपने स्तर पर स्थिति समझने का मौका मिलता है।