Saudi Arabia: मध्य पूर्व में सऊदी अरब का बड़ा दबदबा, वेंचर कैपिटल निवेश में हासिल किया पहला स्थान.

मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका यानी MENA क्षेत्र में निवेशकों की दुनिया में सऊदी अरब ने एक बार फिर बाजी मार ली है। साल 2026 के पहले छह महीनों के दौरान सामने आए आंकड़ों से पता चलता है कि सऊदी अरब इस क्षेत्र में निवेशकों का सबसे बड़ा गढ़ बन गया है। MAGNiTT प्लेटफॉर्म की तरफ से जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान कुल निवेशकों में अकेले सऊदी अरब की हिस्सेदारी 26% दर्ज की गई है। इस बड़ी उपलब्धि के बाद से स्थानीय स्तर पर व्यापार और स्टार्टअप की दुनिया में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।
बदलते निवेश के तरीके और विदेशी निवेशकों की कम होती संख्या
इस ताजा रिपोर्ट में निवेश के पैटर्न में एक बड़ा बदलाव साफ-साफ देखने को मिला है। साल 2025 के पहले छह महीनों के मुकाबले 2026 की पहली छमाही में अंतरराष्ट्रीय यानी विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी में 48% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही क्षेत्रीय स्तर पर निवेशक गतिविधियों में भी 2% की मामूली कमी आई है। विदेशी निवेशकों के पीछे हटने की वजह से अब वेंचर कैपिटल इकोसिस्टम में स्थानीय और क्षेत्रीय निवेशकों की मौजूदगी पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो गई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो इस अवधि के दौरान अंतरराष्ट्रीय पूंजी की भागीदारी में भी पिछले साल के मुकाबले 39% की कमी आई है।
शीर्ष 10 निवेशकों के हाथ में है आधे से ज्यादा काम
MAGNiTT के आंकड़ों से यह भी सामने आया है कि अब निवेश का सारा पैसा कुछ चुनिंदा हाथों में केंद्रित होता जा रहा है। साल 2026 के पहले छह महीनों में कुल सौदों में से 45% सौदे अकेले शीर्ष 10 निवेशकों द्वारा किए गए। अगर इसकी तुलना पिछले साल यानी 2025 की समान अवधि से करें, तो उस समय टॉप 10 निवेशकों की हिस्सेदारी 39% थी। इससे साफ पता चलता है कि जैसे-जैसे विदेशी निवेशकों का रुझान कम हो रहा है, वैसे-वैसे स्थानीय और क्षेत्रीय मदद पर भरोसा लगातार बढ़ता जा रहा है। यह प्लेटफॉर्म स्टार्टअप और वेंचर निवेश से जुड़ी पुख्ता जानकारी देने के लिए जाना जाता है, जिससे बड़े फैसले लेने वालों को सही आंकड़े मिल पाते हैं।