Saudi Arabia News: सऊदी अरब ने दक्षिणी प्रांतों से हटाया सुरक्षा अलर्ट, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तेज.

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच सऊदी अरब ने अपने दक्षिणी प्रांतों से सुरक्षा अलर्ट आधिकारिक रूप से हटा लिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों के बाद हालात थोड़े सुधरे हैं, लेकिन दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा छह महीने पुराना संघर्ष और ज्यादा खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। इस पूरे घटनाक्रम का असर खाड़ी देशों में रह रहे लोगों और कामगारों पर भी पड़ रहा है, जिससे हर कोई सुरक्षा को लेकर चिंतित है।
जॉर्डन और फारस की खाड़ी में मिसाइल हमला
बुधवार, 9 सितंबर 2026 को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने जॉर्डन में अल अजराक के पास स्थित अमेरिकी सैन्य बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का ऐलान किया। जॉर्डन की सेना ने जानकारी दी कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने कुल 20 में से 18 मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, जबकि दो मिसाइलें खाली जगह पर गिरीं जिससे किसी प्रकार का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने साफ किया कि बेस पर मौजूद सभी अमेरिकी सैनिक सुरक्षित हैं। इसके साथ ही IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य में 10 जहाजों को निशाना बनाया, जिसमें दो अमेरिकी जहाज और आठ तेल टैंकर शामिल थे।
अमेरिका की कार्रवाई और नए प्रतिबंध
इससे पहले मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को अमेरिकी सेना ने ईरान के पांच कच्चे तेल के जहाजों को नष्ट कर दिया था। इन जहाजों में M/T Kaviz, M/T Charminar, M/T Horizon 1, M/T Riesco और M/T Derya शामिल थे। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी नौसेना पर होने वाले हर हमले का जवाब ईरानी टैंकरों को निशाना बनाकर दिया जाएगा। तनाव को देखते हुए IRGC ने कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों पर खड़े तेल टैंकरों के क्रू को तुरंत जगह खाली करने की चेतावनी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रूप की तरफ से ईरान के एविएशन सेक्टर पर लगातार नए आर्थिक प्रतिबंध भी लगाए जा रहे हैं।