Saudi Arabia New Rule: सऊदी अरब में 20 से ज्यादा वर्कर रखने वाली कंपनियों के लिए नया नियम लागू, अब देना होगा लाइसेंस वाला आवास.

Sushma Kumari9 September 20262 min read28 viewsSaudi
Saudi Arabia New Rule: सऊदी अरब में 20 से ज्यादा वर्कर रखने वाली कंपनियों के लिए नया नियम लागू, अब देना होगा लाइसेंस वाला आवास.

सऊदी अरब की सरकार ने प्रवासी कामगारों के रहने की व्यवस्था को सुधारने के लिए एक बहुत बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। सऊदी नगर पालिका और आवास मंत्रालय ने यह नया नियम बनाया है कि जिन कमर्शियल कंपनियों और संस्थानों में 20 या उससे ज्यादा वर्कर काम करते हैं, उन्हें अब अपने कर्मचारियों के लिए सरकारी लाइसेंस वाला कलेक्टिव हाउसिंग देना होगा। इस नए आदेश के बाद कंपनियों को खुद ही नियमों के हिसाब से सही आवास का इंतजाम करना होगा या फिर किसी सरकार से मंजूर और सर्टिफाइड प्रोवाइडर से आवास की सुविधा लेनी होगी जो म्युनिसिपल, तकनीकी, स्वास्थ्य और सुरक्षा के सभी मानकों को पूरा करते हों।

प्रवासियों और भारतीय कामगारों पर सीधा असर

सऊदी गजट और अरेबियन बिजनेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालय अब तक 1,360 कलेक्टिव हाउसिंग लाइसेंस जारी कर चुका है जिनमें इस समय लगभग 10 लाख प्रवासी मजदूर रह रहे हैं। इस पूरी पहल को नेशनल प्रोग्राम फॉर द डेवलपमेंट ऑफ कलेक्टिव हाउसिंग के जरिए चलाया जा रहा है, जिसे साल 2025 में विजन 2030 के क्वालिटी ऑफ लाइफ प्रोग्राम के तहत शुरू किया गया था। सऊदी अरब में करीब 1.64 करोड़ प्रवासी रहते हैं जिनमें विदेश मंत्रालय के साल 2026 के आंकड़ों के मुताबिक लगभग 27 लाख भारतीय नागरिक शामिल हैं। इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन यानी ILO के आंकड़ों के अनुसार, सऊदी अरब के कुल वर्कफोर्स में करीब 76 प्रतिशत हिस्सेदारी प्रवासियों की है, इसलिए इस नए नियम का सीधा असर वहां रहने वाले आम कामगारों और रेंटल मार्केट पर पड़ेगा।

अनौपचारिक आवासों पर लगाम और आगे की प्रक्रिया

इस नए बदलाव से पहले कंपनियां कई तरह के बिना लाइसेंस वाले और पुराने कैंपों में वर्कर को रखती थीं लेकिन अब सरकार ने इसे एक फॉर्मल नेशनल फ्रेमवर्क के तहत ला दिया है। मंत्रालय ने अभी तक बिना लाइसेंस वाले कैंपों को बंद करने की कोई तय तारीख या समय सीमा नहीं बताई है और न ही नियमों का पालन न करने पर मिलने वाली पेनल्टी का अभी आधिकारिक एलान किया है। इसके बावजूद, अधिकारियों ने सभी कामगारों को यह सलाह दी है कि वे अपनी कंपनी के एचआर डिपार्टमेंट या स्थानीय म्युनिसिपल दफ्तर से बात करके अपने रहने की जगह के लाइसेंस की स्थिति की लिखित पुष्टि जरूर कर लें। 3 से 4 सितंबर 2026 के दौरान मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि प्रवासी कामगारों को एक मानक और सुरक्षित जीवन स्तर देना इस पूरी प्रक्रिया का सबसे मुख्य उद्देश्य है।

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