Saudi Arabia: सऊदी अरब ने कामकाजी माताओं के लिए maternity benefits के नियम किए साफ़, जानें पूरी डिटेल.

Nura Basta31 August 20263 min read10 viewsSaudi
Saudi Arabia: सऊदी अरब ने कामकाजी माताओं के लिए maternity benefits के नियम किए साफ़, जानें पूरी डिटेल.

सऊदी अरब में काम करने वाली महिलाओं और खास तौर पर वहां रहने वाली भारतीय कामकाजी महिलाओं के लिए एक बहुत बड़ी और काम की खबर सामने आई है। GOSI यानी General Organization for Social Insurance ने कामकाजी माताओं के लिए मातृत्व लाभ यानी maternity benefits क्लेम करने की पूरी शर्तों और नियमों का पूरा ब्योरा साझा कर दिया है। यह नियम नए Social Insurance Law यानी Royal Decree M/273 के तहत लागू किए गए हैं, जो पिछले साल 3 July 2025 से पूरी तरह असर में आ चुके हैं।

योग्यता और जरूरी शर्तें

सऊदी अरब में किसी भी कामकाजी महिला, चाहे वह सऊदी नागरिक हो या फिर भारत से गई कोई प्रवासी महिला, को यह लाभ पाने के लिए कुछ तय नियमों को पूरा करना होगा। नियम के मुताबिक, महिला कर्मचारी का बच्चे के जन्म से ठीक पहले के 36 months यानी 3 साल के समय में कम से कम 12 months तक सोशल इंश्योरेंस में योगदान होना अनिवार्य है। इसके अलावा, बच्चे का जन्म उस दौरान होना चाहिए जब महिला नौकरी पर एक्टिव हो और यह डिलीवरी गर्भावस्था के शुरू होने के कम से कम 6 months बाद होनी चाहिए।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

पैसा मिलने का समय और अवधि

सऊदी अधिकारियों के अनुसार, मातृत्व मुआवजे का भुगतान उस महीने की शुरुआत से शुरू हो जाता है जिस महीने में बच्चे का जन्म होता है। इसके लिए मिलने वाली राशि पिछले 3 months के औसत वेतन के बराबर होती है जो बच्चे के जन्म से पहले दर्ज किया गया था। इस बेनिफिट को मिलने की सामान्य अवधि 3 months यानी तीन महीने की होती है। लेकिन अगर किसी मामले में बच्चा विशेष आवश्यकता यानी special needs के साथ पैदा होता है या फिर बीमार और दिव्यांग है जिसे लगातार देखभाल की जरूरत होती है, तो सरकार की तरफ से 1 additional month यानी चौथे महीने का अतिरिक्त मुआवजा भी दिया जाता है। GOSI यह सारा पैसा सीधे कर्मचारी के खाते में भेजती है।

वेतन और अन्य नियमों से जुड़ी पाबंदियां

नियमों के तहत यह बात साफ कर दी गई है कि मातृत्व लाभ के समय महिला कर्मचारी को एक साथ नियमित वेतन और मातृत्व मुआवजा दोनों एक साथ मिलना सख्त मना है। यानी कोई भी कामकाजी महिला मातृत्व लाभ के दौरान अपनी कंपनी से मिलने वाले रेगुलर वेतन के साथ इस बेनिफिट को एक साथ नहीं ले सकती है। हालांकि, इसे व्यावसायिक जोखिम मुआवजे यानी occupational hazard compensation के साथ जोड़ा जा सकता है।

लेबर लॉ के तहत मिलने वाली छुट्टियां

इसके अलावा, साल 2025 में हुए लेबर लॉ के संशोधनों के मुताबिक निजी क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं के लिए मातृत्व अवकाश को बढ़ाकर 12 weeks यानी पूरे वेतन के साथ 12 हफ्ते कर दिया गया है। इस छुट्टी में बच्चे के जन्म के तुरंत बाद के 6 mandatory weeks शामिल हैं। अगर किसी का बच्चा बीमार या दिव्यांग पैदा होता है, तो महिला कर्मचारी को छुट्टी खत्म होने के बाद पूरे वेतन पर एक महीने की अतिरिक्त छुट्टी का अधिकार मिलता है। सिविल सेवा यानी सरकारी नौकरी करने वाली महिलाओं के लिए मातृत्व अवकाश पूरे वेतन के साथ 70 days का होता है। इन सभी अपडेट्स की पूरी जानकारी आप Gulfhindi.com पर देख सकते हैं।

Share:

Comments

Leave a comment