Saudi Arabia में समुद्री सुरक्षा के लिए बड़ा कदम, जेद्दा में मिली नई रक्षा गठबंधन को ऑपरेशनल मंजूरी.

सऊदी अरब के जेद्दा शहर में हाल ही में बहुराष्ट्रीय समुद्री रक्षा गठबंधन (MMDC) की चौथी योजना बैठक का आयोजन किया गया था। यह महत्वपूर्ण बैठक 18 सितंबर 2026 को शुरू हुई और 19 सितंबर 2026 को शुक्रवार के दिन समाप्त हुई। इस बैठक के दौरान आधिकारिक तौर पर यह घोषणा की गई कि इस गठबंधन ने अपनी प्रारंभिक परिचालन क्षमता को हासिल कर लिया है। इस गठबंधन का मुख्य उद्देश्य लाल सागर, अदन की खाड़ी और बाब अल-मदब जलडमरूमध्य में महत्वपूर्ण नौवहन मार्गों को ईरान समर्थित हूथी लड़ाकों के लगातार बढ़ते हमलों से सुरक्षित रखना है। इस संगठन का गठन साल 2026 के जुलाई महीने में किया गया था और अब यह अपने शुरुआती दौर से निकलकर पूरी तरह से ज़मीनी स्तर पर काम करने के लिए तैयार हो गया है।
बैठक में शामिल हुए दुनिया भर के कई प्रतिनिधि
दो दिनों तक चली इस उच्च स्तरीय बैठक में कुल 41 देशों के 154 नौसेना कमांडर, योजनाकार, राजदूत और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। सऊदी रक्षा मंत्रालय की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस बैठक के बाद अब गठबंधन ने अपनी कमांड संरचना को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया है। इस कमांड में एक पाकिस्तानी उप-कमांडर और भाग लेने वाले विभिन्न देशों के 28 अधिकारियों को शामिल किया गया है। MMDC के मुख्य सदस्यों में सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन, क़तर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन, यमन, बांग्लादेश, नाइजीरिया, सूडान, जिबूती और सोमालिया जैसे देश शामिल हैं। इस गठबंधन ने पहले ही अपने विनियामक ढांचों को अपना लिया था और 13 अगस्त को अपने चार्टर पर हस्ताक्षर भी किए थे।
अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी
MMDC के कमांडर रियर एडमिरल अब्दुल्ला बिन सालेम अल-शेहरी ने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि समुद्री सुरक्षा के लिए आने वाले किसी भी खतरे को पूरी तरह से रोका जाएगा। इन सभी प्रयासों से पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने क्षेत्रीय शिपिंग और सऊदी बुनियादी ढांचे पर हूथी हमलों की कड़ी निंदा की थी, जिसे परिषद ने एक सैन्य वृद्धि करार दिया था जिसे तुरंत रोका जाना चाहिए। इन समुद्री विकासों के साथ-साथ यमन में भी लड़ाई काफी तेज हो गई है। इसके कारण सऊदी अधिकारियों ने रियाद और अल-खार्ज के लिए आपातकालीन अलर्ट जारी किए हैं। वहीं दूसरी ओर, सऊदी अरब, बहरीन और ओमान में यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल ने हूथी हमलों को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक अस्वीकार्य खतरा बताया है। इस पूरी खबर के बारे में अधिक जानकारी आप QNA News की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पढ़ सकते हैं।