Saudi Arabia Musaned Platform: सऊदी अरब ने घरेलू कामगारों के लिए उठाया बड़ा कदम, डिजिटल हुई पूरी प्रक्रिया.

Praggya Singh sabal27 August 20263 min read30 viewsSaudi
Saudi Arabia Musaned Platform: सऊदी अरब ने घरेलू कामगारों के लिए उठाया बड़ा कदम, डिजिटल हुई पूरी प्रक्रिया.

सऊदी अरब ने घरेलू कामगारों की भर्ती और नौकरी से जुड़े नियमों को बहुत आसान और पारदर्शी बना दिया है। इसके लिए देश में Musaned प्लेटफॉर्म को पूरी तरह से डिजिटल कर दिया गया है, जिससे कामगारों और नियोक्ताओं दोनों को बड़ी राहत मिल रही है। सऊदी प्रेस एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2026 के पहले छह महीनों में इस डिजिटल नेटवर्क के जरिए कुल 39 देशों से 27 अलग-अलग पेशों के लिए कामगारों की भर्ती की प्रक्रिया पूरी की गई है। इस सिस्टम से दुनियाभर की 6,164 विदेशी एजेंसियां और सऊदी अरब के भीतर काम करने वाले 721 रिक्रूटमेंट ऑफिस सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं, जिससे काम में पूरी पारदर्शिता बनी रहती है।

डिजिटल अनुबंध और सैलरी ट्रांसफर के नए नियम

इस आधुनिक डिजिटल सिस्टम के माध्यम से साल 2026 के शुरुआती महीनों में 122,000 से ज्यादा सर्विस ट्रांसफर के आवेदन प्रोसेस किए गए हैं। इसके अलावा, कामगारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार की ओर से 450,000 से ज्यादा कॉन्ट्रैक्टुअल इंश्योरेंस पॉलिसी भी जारी की गई हैं। सऊदी अरब के Ministry of Human Resources and Social Development ने वेतन भुगतान को पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए सैलरी ट्रांसफर करने वाले इलेक्ट्रॉनिक चैनलों की संख्या बढ़ाकर 16 कर दी है। इन सभी बदलावों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भर्ती प्रक्रिया, कॉन्ट्रैक्ट, सैलरी का भुगतान, बीमा और मालिक बदलने का पूरा काम एक पुख्ता डिजिटल रिकॉर्ड के तहत हो, जिसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न बचे।

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भारतीय कामगारों और परिवारों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश

सऊदी अरब के इन नए डिजिटल नियमों का सीधा असर भारत से जाने वाले घरेलू कामगारों और उनके परिवारों पर भी पड़ता है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास सऊदी अरब की यात्रा करने वाले नागरिकों के लिए कड़े नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन करवाता है। इसमें तयशुदा रिक्रूटमेंट एजेंसी के रास्तों से जाना, एंबेसी से कागजात का सत्यापन कराना, eMigrate पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना और महिला कामगारों के लिए विशेष सुरक्षा शर्तें पूरी करना शामिल है। भले ही यह प्लेटफॉर्म 39 देशों के लिए काम करता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कोई भी बिना सोचे-समझे किसी को भी काम पर रख ले। नियोक्ता और कामगार दोनों को ही Musaned वेबसाइट पर जाकर वैध नियमों, राष्ट्रीयता के आधार पर तय पेशों और लाइसेंस प्राप्त दफ्तरों की पूरी जानकारी की जांच करनी जरूरी है।

अवैध ट्रांसफर और बिना कागजात नौकरी पर रोक

साल 2026 की पहली छमाही में प्रोसेस किए गए 122,000 से ज्यादा सर्विस ट्रांसफर का मुख्य मकसद अनधिकृत ट्रांसफर और बिना दस्तावेजों के काम करने की प्रथा को खत्म करना है। जो लोग गलत तरीके से या बिना सूचना के दूसरे मालिक के पास काम करने लगते हैं, उनके खिलाफ लेबर और इमीग्रेशन कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाती है। भारतीय कामगारों के लिए यह बहुत जरूरी है कि वे केवल वैध औरकानूनी तरीके से ही अपना स्पॉन्सर बदलें। इसके साथ ही, 1 जनवरी 2026 से सऊदी सरकार ने सभी नियोक्ताओं के लिए इलेक्ट्रॉनिक सैलरी ट्रांसफर अनिवार्य कर दिया है। वेतन भेजने के लिए केवल 16 अधिकृत बैंकों और डिजिटल वॉलेट चैनलों का ही इस्तेमाल किया जा सकता है। इस पूरी व्यवस्था को ठीक से चलाने के लिए कामगार के मोबाइल नंबर का उनके रेसिडेंसी यानी iqama से जुड़ा होना अनिवार्य किया गया है। मंत्रालय कामगारों को वैध सिस्टम में जोड़ने के लिए मेडिकल इंश्योरेंस और काम से गैर-हाजिरी से जुड़े नियमों पर भी पूरा ध्यान दे रहा है, ताकि किसी भी कामगार को परेशानी न उठानी पड़े।

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