सऊदी अरब की नौसेना की बढ़ेगी ताकत, अल-सरवत और तुवैक प्रोजेक्ट्स के तहत बेड़े में शामिल होंगे 12 नए युद्धपोत

रियाद: रॉयल सऊदी नेवल फोर्सेस (RSNF) अपनी समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अल-सरवत और तुवैक नाम के दो बड़े रणनीतिक प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। इन दोनों पहलों के जरिए सऊदी अरब की नौसेना के बेड़े में कुल 12 आधुनिक युद्धपोत जोड़े जाएंगे।
अल-सरवत प्रोजेक्ट के तहत पांच मल्टी-मिशन कॉम्बैट वेसल्स बनाए जा रहे हैं। यह प्रोजेक्ट सऊदी अरेबियन मिलिट्री इंडस्ट्रीज (SAMI) और स्पेन की शिपबिल्डर कंपनी नवानटिया की साझेदारी से पूरा किया जा रहा है। इसका लक्ष्य सऊदी विजन 2030 के मुताबिक साल 2030 तक सैन्य उद्योगों का 50 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय स्तर पर तैयार करना है।
इन जहाजों को हवा, सतह और पानी के नीचे से आने वाले खतरों से निपटने के लिए तैयार किया गया है। इनमें हज़्म कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है, जिसे पहली बार सऊदी अरब में ही विकसित किया गया है। इस प्रोजेक्ट का पहला जहाज 'हिस मैजेस्टीज शिप अल-जुबैल' 25 अगस्त 2022 को किंग फैसल नेवल बेस पहुंचा था।
वहीं तुवैक प्रोजेक्ट के तहत चार मल्टी-मिशन सरफेस कॉम्बैटेंट (MMSC) जहाजों की खरीद की जा रही है। ये जहाज अमेरिकी नौसेना के फ्रीडम वेरिएंट लिटोरल कॉम्बैट शिप पर आधारित हैं। इस संबंध में मई 2017 में फॉरेन मिलिट्री सेल्स केस पर हस्ताक्षर किए गए थे।
इस प्रोजेक्ट के पहले जहाज 'हिस मैजेस्टी किंग सऊद' को 27 अक्टूबर 2025 को रोलआउट किया गया और 16 दिसंबर 2025 को अमेरिका के विस्कॉन्सिन में इसे पानी में उतारा गया।
चीफ ऑफ नेवल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद अल-घुरैबी ने बताया कि ये प्रोजेक्ट्स एक आधुनिक और पेशेवर नौसेना बल विकसित करने के लिए बहुत जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि इससे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों को सुरक्षित करने और विभिन्न युद्ध खतरों के खिलाफ राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने में मदद मिलेगी।