सऊदी अरब में नया सामान्य शिक्षा कानून लागू, निजी स्कूलों की मनमानी पर लगेगी लगाम
सऊदी अरब ने नया सामान्य शिक्षा कानून पेश किया है। निजी स्कूलों की फीस और लाइसेंसिंग को लेकर कड़े नियम लागू होंगे।

रियाद: सऊदी अरब ने शिक्षा के स्तर को सुधारने, पारदर्शिता बढ़ाने और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक व्यापक 'सामान्य शिक्षा कानून' पेश किया है। यह नया कानून 20 जनवरी 2027 से कानूनी रूप से प्रभावी होगा।
मंत्रिपरिषद ने 7 जुलाई 2026 को इस कानून को मंजूरी दी थी, जिसे 24 जुलाई 2026 को आधिकारिक गजट में प्रकाशित किया गया। इस कानून के तहत एक 'सामान्य शिक्षा मामलों की परिषद' का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता शिक्षा मंत्री करेंगे। यह परिषद राष्ट्रीय शिक्षा नीतियों और दीर्घकालिक योजना की निगरानी करेगी।
निजी स्कूलों के लिए अब फीस के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। शैक्षणिक वर्ष शुरू होने से कम से कम 180 दिन पहले स्कूलों को ट्यूशन फीस और सेवाओं का विवरण घोषित करना होगा। इन सभी जानकारियों को शिक्षा मंत्रालय के इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत करना जरूरी होगा।
नियमों के मुताबिक, स्कूलों को अनिवार्य फीस और वैकल्पिक सेवाओं (जैसे ट्रिप और अन्य गतिविधियां) की कीमतों को अलग-अलग और स्पष्ट रूप से बताना होगा। स्कूलों पर पहले से घोषित न किए गए शुल्क वसूलने की सख्त मनाही होगी। ट्यूशन फीस में मुख्य शैक्षिक सेवाएं शामिल होनी चाहिए और माता-पिता की स्पष्ट सहमति के बिना वैकल्पिक सेवाओं के लिए भुगतान के लिए मजबूर नहीं किया जा सकेगा।
छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए यह प्रावधान किया गया है कि फीस विवाद की स्थिति में स्कूलों को छात्रों को वित्तीय दावों या पत्राचार में शामिल नहीं करना होगा। हालांकि स्कूल कानूनी माध्यमों से बकाया राशि वसूल सकते हैं, लेकिन वित्तीय विवाद के कारण छात्रों को शैक्षिक संसाधनों या सेवाओं से वंचित नहीं किया जा सकेगा।
सभी निजी संस्थानों के लिए शिक्षा मंत्रालय से औपचारिक लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। लाइसेंसिंग प्रक्रिया में योग्यता और लाइसेंसिंग के अलग-अलग चरण होंगे, जिनमें योग्यता दस्तावेज एक वर्ष के लिए वैध रहेंगे। बिना वैध लाइसेंस के चलने वाले स्कूलों पर जुर्माना लगाया जा सकता है या उन्हें बंद किया जा सकता है।
नियमों का उल्लंघन करने पर चेतावनी, प्रवेश पर रोक और 5,000 से 50,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। गंभीर मामलों में ऑपरेटिंग लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। यदि लाइसेंस रद्द होता है, तो संस्थान को मालिक के खर्च पर छात्रों को चालू शैक्षणिक वर्ष पूरा करने की अनुमति देनी होगी।
कानून में यह भी अनिवार्य किया गया है कि सभी शिक्षकों के पास पेशेवर शिक्षण लाइसेंस हो और वे राष्ट्रीय मूल्यों का पालन करें। साथ ही, निजी स्कूलों को शिक्षा और प्रशिक्षण मूल्यांकन आयोग (ETEC) या किसी मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय निकाय से मान्यता प्राप्त करना आवश्यक होगा।