Saudi Arabia Visa Rules: सऊदी अरब ने वर्क वीज़ा नियमों में किया बड़ा बदलाव, कंपनियों को मिला नया कोटा फ्रेमवर्क.

सऊदी अरब सरकार ने विदेशी कामगारों को बुलाने वाली कंपनियों के लिए वर्क वीज़ा कोटा का एक नया नियम लागू किया है। 26 अगस्त 2026 को जारी किए गए इस नए इमिग्रेशन एडवाइजरी के मुताबिक, अब किसी भी कंपनी को मिलने वाले वीज़ा की संख्या इस बात पर तय होगी कि वह कंपनी कितने समय से काम कर रही है, कौन से प्रोग्राम्स का हिस्सा है और उसका साउदीकरण यानी Nitaqat प्रदर्शन कैसा है। इस बदलाव से खाड़ी देश में नौकरी की तलाश कर रहे लोगों और पहले से मौजूद कंपनियों पर सीधा असर पड़ेगा।
नई वीज़ा सीमा और कंपनियों का कार्यकाल
नए नियमों के अनुसार, जो कंपनियां दो साल से कम समय से काम कर रही हैं, वे अधिकतम केवल 5 वर्क वीज़ा ही पा सकती हैं। वहीं दूसरी तरफ, जो कंपनियां दो साल से ज्यादा समय से कारोबार कर रही हैं, वे एक बार में या एक हफ्ते के भीतर कई आवेदनों के जरिए अधिकतम 50 वर्क वीज़ा के लिए आवेदन कर सकती हैं। यह नियम कंपनी के स्तर पर लागू होता है और इसके लिए स्थानीय नियमों का पालन करना बहुत जरूरी कर दिया गया है।
जो कारोबार 'Establishing Programme' से जुड़े हुए हैं, उन्हें शुरुआत में केवल 2 वर्क वीज़ा ही दिए जाएंगे। इन कंपनियों को भविष्य में वीज़ा बढ़ाने के लिए लेबर नियमों का पालन करना होगा, सही पेरोल रिकॉर्ड दिखाना होगा और स्थानीय नागरिकों को रोजगार देने के तय लक्ष्यों को पूरा करना होगा। इसके अलावा, Nitaqat सिस्टम भी बहुत अहम भूमिका निभाता रहेगा, जो कंपनियों को उनके साउदीकरण के हिसाब से अलग-अलग कैटेगरी में रखता है। अच्छी रेटिंग वाली कंपनियों को कामगार रखने में आसानी होगी, जबकि नियमों का पालन न करने पर वीज़ा मिलने में देरी हो सकती है या वीज़ा सीमित किए जा सकते हैं।
भारतीय कामगारों और प्रवासियों पर असर
यह नया नियम सभी गैर-सऊदी कामगारों पर असर डालता है, लेकिन इसका बहुत बड़ा असर भारत से जाने वाले उन लाखों कामगारों पर पड़ेगा जो प्रोफेशनल, तकनीशियन, इंजीनियर, ड्राइवर, कंस्ट्रक्शन वर्कर, हॉस्पिटैलिटी स्टाफ और सर्विस सेक्टर में काम करते हैं। नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि केवल ऑफर लेटर या रोजगार अनुबंध मिल जाने से वीज़ा मिलने की पक्की गारंटी नहीं होती है। असल भर्ती पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करती है कि संबंधित कंपनी के पास वीज़ा कोटा का अधिकार है या नहीं और वह सऊदी सिस्टम में पूरी तरह एक्टिव है या नहीं।
जो पुराने कामगार पहले से ही सऊदी अरब में मौजूद हैं और जिनके पास वैध इqमा (Iqama) है, उनके ऊपर इन बदलावों का तुरंत कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि उनके मामले दूसरे नियमों के तहत चलाए जाते हैं। हालांकि, इस अपडेट के बाद यह बहुत जरूरी हो गया है कि कोई भी नौकरी बदलने या इस्तीफा देने से पहले यह अच्छी तरह जांच ले कि वीज़ा देने वाली कंपनी के पास जरूरी वर्क वीज़ा कोटा है या नहीं, ताकि बाद में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।