सऊदी अरब ने दिया तोहफा, अब पाकिस्तानी पासपोर्ट वाले इन लोगो को नहीं लेना होगा कोई VISA, मिलेगा Direct Entry

न्यूयॉर्क/रियाद/इस्लामाबाद: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA 2026) के दौरान पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच रिश्तों को और मज़बूत करने वाला एक बड़ा समझौता हुआ है। पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान के साथ मिलकर "डिप्लोमैटिक और ऑफिशियल/स्पेशल पासपोर्ट धारकों के लिए वीज़ा माफी समझौते" पर दस्तखत किए।
इशाक डार का भावुक ऐलान
समझौते पर हस्ताक्षर के बाद इशाक डार ने सोशल मीडिया पर लिखा —
"UNGA2026 के मौके पर आज मैंने अपने भाई प्रिंस फैसल बिन फरहान के साथ 'पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच डिप्लोमैटिक व ऑफिशियल/स्पेशल पासपोर्ट धारकों के लिए वीज़ा आवश्यकताओं की समाप्ति' के समझौते पर दस्तखत करके बेहद खुशी महसूस की।"
"यह अहम कदम हाई-लेवल जुड़ाव और संस्थागत आदान-प्रदान को और आसान बनाएगा, और हमारी स्थायी व भाईचारे वाली रणनीतिक साझेदारी को हर क्षेत्र में मज़बूत करेगा।"
किसे मिलेगा फायदा?
⚠️ ध्यान दें — यह समझौता आम नागरिकों के लिए नहीं है। इसका फायदा सिर्फ इन्हें मिलेगा:
- डिप्लोमैटिक पासपोर्ट धारक (राजनयिक अधिकारी)
- ऑफिशियल/स्पेशल पासपोर्ट धारक (सरकारी अधिकारी)
यानी दोनों देशों के बीच अब सरकारी अधिकारी, राजनयिक और उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल बिना वीज़ा की झंझट के आ-जा सकेंगे।
यह अकेला मामला नहीं — पैटर्न पूरे खाड़ी क्षेत्र में
दिलचस्प बात यह है कि सऊदी अरब हाल के महीनों-सालों में कई देशों के साथ ऐसे डिप्लोमैटिक वीज़ा-माफी समझौते कर चुका है:
- भारत के साथ भी दिसंबर 2025 में ऐसा ही समझौता हुआ था, जिसमें दोनों देशों के डिप्लोमैटिक, स्पेशल और ऑफिशियल पासपोर्ट धारकों को शॉर्ट-स्टे वीज़ा से छूट मिली
- UAE पहले ही जुलाई 2025 से पाकिस्तानी डिप्लोमैट्स और अधिकारियों के लिए वीज़ा-मुक्त यात्रा लागू कर चुका है
यानी खाड़ी देश अब आपस में और दक्षिण एशियाई देशों के साथ कूटनीतिक आवाजाही को आसान बनाने की एक बड़ी लहर पर चल रहे हैं।
पाकिस्तान-सऊदी रिश्तों में एक और मज़बूत कड़ी
यह समझौता ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच रिश्ते पहले से ही बेहद घनिष्ठ बने हुए हैं — हाल ही में दोनों देशों (साथ ही तुर्की) के बीच मक्का संयुक्त रक्षा समझौते (Makkah Joint Defence Agreement) के तहत एक रणनीतिक-राजनीतिक व रक्षा समिति की पहली बैठक भी इस्तांबुल में हो चुकी है, जिसमें पाकिस्तान के थल सेनाध्यक्ष फील्ड मार्शल सैयद असीम मुनीर भी शामिल हुए थे।