सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुआ बड़ा समझौता, साइबर सुरक्षा और तकनीक को लेकर मिलाया हाथ।

سऊदी अरब और पाकिस्तान ने मिलकर डिजिटल दुनिया को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। 1 सितंबर 2026 को दोनों देशों ने आधिकारिक रूप से एक समझौता ज्ञापन यानी MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और अधिक मजबूत करना है। आज के समय में इंटरनेट और तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ही ऑनलाइन खतरे भी काफी तेजी से बढ़ रहे हैं, जिनसे निपटने के लिए यह कदम उठाया गया है।
समझौते पर किसने किए हस्ताक्षर
इस महत्वपूर्ण समझौते पर सऊदी अरब की तरफ से नेशनल साइबर सिक्योरिटी अथॉरिटी यानी NCA के गवर्नर Eng. Majed Al-Mazyed ने हस्ताक्षर किए। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान की ओर से फेडरल मिनिस्टर फॉर इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड टेलीकॉम Shaza Fatima Khawaja ने इस समझौते पर मुहर लगाई। इस समझौते के तहत दोनों देश एक दूसरे के साथ अपने अनुभव साझा करेंगे और ऑनलाइन खतरों से निपटने के लिए मिलकर नए तरीके विकसित करेंगे। सऊदी नेशनल साइबर सिक्योरिटी अथॉरिटी के अनुसार यह पहल दोनों देशों के महत्वपूर्ण राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए एक बड़ी रणनीतिक कोशिश का हिस्सा है।
LEAP 2026 इवेंट के दौरान हुई खास बातचीत
समझौते पर हस्ताक्षर करने के अलावा पाकिस्तानी मंत्री शाज़ा फातिमा ख्वाजा ने रियाद में आयोजित LEAP 2026 इवेंट के दौरान सऊदी संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री Abdullah Alswaha से भी मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों बड़े अधिकारियों ने क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में आपसी रिश्तों को और गहरा करने पर सहमति जताई। इस बैठक की पूरी जानकारी आधिकारिक तौर पर Saudi Press Agency (SPA) के माध्यम से साझा की गई है।
पाकिस्तानी मंत्री ने इस मीटिंग का फायदा उठाते हुए अपने देश के बढ़ते आईटी सेक्टर और स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी दुनिया के सामने रखा। उन्होंने सऊदी अधिकारियों को बताया कि दोनों देशों के बीच बिजनेस से बिजनेस यानी B2B साझेदारी, तकनीकी निर्यात और विदेशी निवेश की असीम संभावनाएं मौजूद हैं। इस तरह के आयोजनों और समझौतों से खाड़ी देशों में काम करने वाले और तकनीक से जुड़े लोगों को भी नए अवसर मिलने की उम्मीद है।