Saudi Arabia New Law: सऊदी अरब में गलत रियल एस्टेट डेटा देने पर लगेगा 50,000 रियाल तक का जुर्माना.

सऊदी अरब में रियल एस्टेट के कारोबार को लेकर सरकार ने बहुत सख्त कदम उठाया है और अब गलत जानकारी देने वालों की खैर नहीं होगी। द जकात, टैक्स एंड कस्टम्स अथॉरिटी ने रियाद में एक नया ड्राफ्ट रेगुलेशन पेश किया है, जिसमें साफ कहा गया है कि जो लोग प्रॉपर्टी के लेन-देन से जुड़ी झूठी या गलत जानकारी देंगे, उन पर भारी भरकम जुर्माना लगाया जाएगा। इस नए नियम के तहत उल्लंघन करने वालों पर अधिकतम SR50,000 यानी पचास हजार रियाल तक का जुर्माना ठोका जा सकता है। सरकार का यह कदम देश में रियल एस्टेट मार्केट को पूरी तरह से साफ-सुथरा और पारदर्शी बनाने के लिए उठाया जा रहा है, ताकि किसी भी आम नागरिक या निवेशक के साथ किसी भी तरह की धोखाधड़ी न हो सके।
जनता से मांगी जा रही है राय
अथॉरिटी की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस नए ड्राफ्ट को अभी आम लोगों की प्रतिक्रिया के लिए जारी किया गया है। ड्राफ्ट आर्टिकल 15, पैराग्राफ 3 जो कि “क्लासिफिकेशन ऑफ वॉयलेशन एंड पेनल्टीज फॉर रियल एस्टेट ट्रांजैक्शन टैक्स” कानून से जुड़ा है, उस पर लोग अपनी राय दे रहे हैं। इस सर्वे को सरकार के आधिकारिक इस्तिल्ला (Istitlaa) पब्लिक सर्वे प्लेटफॉर्म पर लाइव किया गया है। इस जन-परामर्श की अवधि 3 सितंबर से शुरू हो चुकी है और यह 3 अक्टूबर तक खुली रहेगी। सरकार चाहती है कि इस कानून को लागू करने से पहले जनता और जानकारों की राय भी ले ली जाए ताकि आने वाले समय में इसे और ज्यादा असरदार बनाया जा सके।
कितना लगेगा जुर्माना और क्या हैं नियम
नए ड्राफ्ट के नियमों के अनुसार, जो भी व्यक्ति इस कानून या इससे जुड़े नियमों को तोड़ेगा, उसे जुर्माने के रूप में या तो टैक्स की कुल देय राशि चुकानी होगी या फिर SR50,000 भरने होंगे। इन दोनों में से जो भी रकम ज्यादा होगी, वही उल्लंघनकर्ता से वसूली जाएगी। अथॉरिटी का कहना है कि इस पूरी पहल का मुख्य मकसद नियमों को बेहतर बनाना, कागजी कार्रवाई और प्रशासन में सुधार करना और सभी पक्षों के लिए पारदर्शिता को बढ़ाना है। रियाद में रियल एस्टेट से जुड़े कारोबार करने वाले तमाम लोगों के लिए इन नियमों को जानना बेहद जरूरी हो गया है ताकि किसी भी गलती से बचा जा सके।
अन्य उल्लंघनों पर भी तय हैं कड़े दंड
मौजूदा प्रावधानों के तहत भी कई ऐसे नियम हैं जिनके टूटने पर भारी जुर्माना वसूला जाता है। अगर कोई व्यक्ति रियल एस्टेट ट्रांजैक्शन का रजिस्ट्रेशन समय पर नहीं कराता है या फिर कानूनी समयसीमा के भीतर जरूरी टैक्स दस्तावेज और रिकॉर्ड संभाल कर नहीं रखता है, तो उस पर SR5,000 से लेकर SR50,000 तक का जुर्माना लग सकता है। इसके अलावा, निरीक्षण के दौरान अथॉरिटी के अधिकारियों का सहयोग न करना और उन्हें किताबों, रिकॉर्ड, इनवॉइस या अकाउंटिंग दस्तावेजों तक पहुंचने से रोकना भी अपराध की श्रेणी में आता है। जांच अधिकारियों को दस्तावेज की कॉपी बनाने से रोकने पर भी SR1,000 से SR50,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा किसी भी अन्य नियम को तोड़ने पर भी एक हजार से पचास हजार रियाल तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।