Saudi Port Update: पाइपलाइन हमले के बाद रस तनुरा पोर्ट से रिकॉर्ड 1.2 करोड़ बैरल कच्चा तेल लोड

सऊदी अरब के Ras Tanura बंदरगाह और Juaymah टर्मिनल पर कच्चे तेल की लोडिंग का एक बड़ा रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। खाड़ी क्षेत्र में हालिया तनाव और प्रमुख पाइपलाइन पर हुए हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए यह तेजी दिखाई गई है। 21 सितंबर 2026 को यहां से छह बड़े टैंकरों में भारी मात्रा में क्रूड ऑयल भरा गया, ताकि एशियाई और वैश्विक खरीदारों तक समय पर सप्लाई पहुंच सके।
शिप ट्रैकिंग डेटा फर्म Kpler की जानकारी के अनुसार, रस तनुरा और जुआयमाह फैसिलिटी पर छह बड़े क्रूड कैरियर्स (VLCCs) ने लगभग 1.2 करोड़ बैरल कच्चा तेल लोड किया। इन जहाजों में चार सुपरटैंकर सऊदी अरब की राष्ट्रीय शिपिंग कंपनी Bahri के थे, जिनके नाम Gold Shine, Silver Shine, Diamond Shine और Maharah हैं। इसके अलावा लाइबेरिया में पंजीकृत कंपनियों के दो अन्य जहाज Peru Prosperity और Egypt Prosperity भी इस लोडिंग ऑपरेशन में शामिल रहे।
पाइपलाइन पर ड्रोन हमलों के बाद बिगड़ी थी व्यवस्था
सऊदी अरब के बंदरगाहों पर तेल भरने की यह तेज गतिविधि 10 और 11 सितंबर 2026 को हुए ड्रोन हमलों के बाद शुरू हुई। इन हमलों में देश की 1,200 किलोमीटर लंबी East-West pipeline के तीन प्रमुख पंपिंग स्टेशनों को भारी नुकसान पहुंचा था। यह पाइपलाइन सामान्य दिनों में प्रतिदिन लगभग 40 लाख बैरल तेल लाल सागर के यानबू पोर्ट तक पहुंचाती है, जिससे जहाजों को संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz से होकर नहीं गुजरना पड़ता।
हमलों के चलते पाइपलाइन पूरी तरह बंद हो गई थी और इससे रोजाना 40 से 50 लाख बैरल तेल की ढुलाई प्रभावित हुई। यह मात्रा वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 4 प्रतिशत हिस्सा मानी जाती है। सऊदी अधिकारियों ने इस हमले के लिए इराकी मिलिशिया को जिम्मेदार ठहराया था, जबकि इलाके में हूती विद्रोहियों का खतरा भी पहले से बना हुआ है।
अरामको ने खोजा दूसरा रास्ता, जहाजों से सप्लाई चालू
पाइपलाइन सेवा बाधित होने के बाद सऊदी अरब की राष्ट्रीय तेल कंपनी Saudi Aramco ने कच्चे तेल की आपूर्ति बनाए रखने के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल शुरू किया। कंपनी ने ओमान के Sohar बंदरगाह पर जहाजों के बीच तेल ट्रांसफर (Ship-to-ship transfer) की व्यवस्था की, ताकि China और South Korea की रिफाइनरियों को बिना रुकावट क्रूड मिलता रहे।
इसके अलावा ट्रैकिंग एजेंसी TankerTrackers.com की रिपोर्ट में बताया गया कि सऊदी अरामको ने 20 सितंबर 2026 के आसपास खाड़ी के समुद्री रास्तों से सात बड़े टैंकरों में लगभग 1.4 करोड़ बैरल कच्चा तेल लोड करवाया था। इस तत्परता की वजह से एशियाई बाजारों में कच्चे तेल की कमी नहीं होने पाई।
पाइपलाइन धीरे-धीरे हो रही बहाल, पूरी क्षमता में लगेगा वक्त
सऊदी तकनीकी टीमों ने 22 सितंबर 2026 से ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को कम दबाव पर दोबारा चालू कर दिया है। यानबू बंदरगाह से तेल निर्यात की प्रक्रिया सीमित स्तर पर शुरू हो सकती है, लेकिन पाइपलाइन को अपनी पूरी 40 लाख बैरल प्रतिदिन की क्षमता पर लौटने में 6 से 8 हफ्ते का समय लगने का अनुमान है। शुरुआती चरण में आने वाले दिनों में इसकी 40 प्रतिशत क्षमता को बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है।
सऊदी अरामको ने अभी तक पूरी क्षमता की बहाली को लेकर कोई आधिकारिक अंतिम तारीख घोषित नहीं की है। तेल बाजार के जानकारों का मानना है कि सऊदी अरब का यह त्वरित कदम आपूर्ति व्यवस्था को स्थिर रखने में मददगार साबित हुआ है।