सऊदी अरब में रियल एस्टेट की कीमतों में सालाना 1.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और रिहायशी संपत्तियों के दाम बढ़े

Gautam Sahu20 October 20262 min read0 viewsSaudi
सऊदी अरब में रियल एस्टेट की कीमतों में सालाना 1.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और रिहायशी संपत्तियों के दाम बढ़े

रियाद: सऊदी अरब में रियल एस्टेट की कीमतों में साल 2026 की तीसरी तिमाही के दौरान सालाना आधार पर 1.2 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। जनरल अथॉरिटी फॉर स्टैटिस्टिक्स (GASTAT) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस बढ़ोतरी में रिहायशी और कृषि संपत्तियों की कीमतों में हुए इजाफे का बड़ा हाथ रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल की तीसरी तिमाही के मुकाबले रिहायशी संपत्तियों की कीमतों में 2.3 फीसदी और कृषि संपत्तियों की कीमतों में 3.9 फीसदी की वृद्धि हुई है। हालांकि, कमर्शियल यानी व्यावसायिक संपत्तियों की कीमतों में सालाना आधार पर 2 फीसदी की गिरावट देखी गई है।

रिहायशी सेक्टर की बात करें तो रिहायशी जमीन के प्लॉट की कीमतों में 4.9 फीसदी और अपार्टमेंट्स के दाम 1.7 फीसदी बढ़े हैं। रिहायशी फ्लोर यूनिट्स की कीमतों में भी 0.8 फीसदी की बढ़त हुई है, लेकिन विला की कीमतों में 7.7 फीसदी की बड़ी गिरावट आई है।

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व्यावसायिक संपत्तियों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा, जहां कमर्शियल जमीन के प्लॉट 2.1 फीसदी, बिल्डिंग्स 1.4 फीसदी और शोरूम व रिटेल दुकानों की कीमतों में 0.9 फीसदी की कमी आई है। वहीं कृषि संपत्तियों में 3.9 फीसदी की तेजी का मुख्य कारण कृषि भूमि की कीमतों में बढ़ोतरी बताया गया है।

तिमाही आधार पर देखा जाए तो 2026 की दूसरी तिमाही के मुकाबले तीसरी तिमाही में रियल एस्टेट प्राइस इंडेक्स (REPI) 1.2 फीसदी घटा है। इस दौरान रिहायशी कीमतों में 1.5 फीसदी की गिरावट आई, जिसमें जमीन 2.1 फीसदी, अपार्टमेंट 0.5 फीसदी और विला 0.4 फीसदी सस्ते हुए, जबकि रिहायशी फ्लोर यूनिट्स में 1 फीसदी की बढ़त रही।

क्षेत्रीय स्तर पर नदर्न बॉर्डर्स में सबसे ज्यादा 12 फीसदी की सालाना वृद्धि हुई है। इसके बाद रियाद में 4.6 फीसदी और मदीना में 0.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। दूसरी ओर, असिर में 4.3 फीसदी, हेल में 3.8 फीसदी, पूर्वी प्रांत में 3.7 फीसदी और अल-जौफ में 2.8 फीसदी की सबसे ज्यादा गिरावट रही।

GASTAT ने बताया कि रियल एस्टेट प्राइस इंडेक्स की गणना ट्रांजैक्शन डेटा के आधार पर की जाती है। डेटा की गुणवत्ता और संपत्तियों के वर्गीकरण को बेहतर बनाने के लिए अब जियोस्पेशियल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सैटेलाइट इमेजरी का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस नई कार्यप्रणाली को रियल एस्टेट जनरल अथॉरिटी, न्याय मंत्रालय और सऊदी सेंट्रल बैंक के साथ मिलकर तैयार किया गया है।

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