सऊदी अरब में महंगाई काबू में, लगातार तीसरे महीने 1.8 प्रतिशत पर स्थिर रही दर

सऊदी अरब से महंगाई को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है जहां आर्थिक मामलों और विकास परिषद ने पुष्टि की है कि देश में सालाना महंगाई दर लगातार तीसरे महीने 1.8% पर स्थिर बनी हुई है। 6 सितंबर 2026 को हुई बैठक के दौरान इस बात की जानकारी दी गई कि मई, जून और जुलाई के महीनों में महंगाई की स्थिति दुनिया भर में सबसे कम दरों में से एक रही है। सरकार की तरफ से उठाए गए कड़े कदमों और नीतियों के कारण आम लोगों को रोजमर्रा की चीजों के दामों में ज्यादा उछाल का सामना नहीं करना पड़ रहा है, जिससे सऊदी में रहने वाले नागरिकों और प्रवासियों दोनों को बड़ी राहत मिली है।
किस सेक्टर में कितनी आई तेजी
जनरल अथॉरिटी फॉर स्टैटिस्टिक्स यानी GASTAT के आंकड़ों के अनुसार जुलाई 2026 में महंगाई दर बढ़ने के पीछे मुख्य वजह हाउसिंग, पानी, बिजली, गैस और अन्य ईंधन सेक्टर में 4.2% की बढ़ोतरी दर्ज किया जाना था। इसमें मुख्य रूप से घरों के किराए में 4.3% की तेजी शामिल रही। इसके अलावा खाने-पीने की चीजों यानी फूड एंड बेवरेज के दामों में 1.5% और ट्रांसपोर्ट की लागत में 1.4% की मामूली बढ़त देखने को मिली। अगर महीने-दर-महीने के आधार पर देखें तो जून 2026 की तुलना में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी CPI में 0.2% की हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।
विशेषज्ञों की राय और सरकारी नीतियां
आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि सऊदी अरब में महंगाई के इस तरह लगातार काबू में रहने के पीछे देश की फिक्स्ड एक्सचेंज रेट पॉलिसी, ऊर्जा की कीमतों पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी और मजबूत राजकोषीय प्रबंधन का बड़ा हाथ है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF ने साल 2026 के लिए सऊदी अरब में औसत महंगाई दर 2.2% रहने का अनुमान जताया था, लेकिन मौजूदा आंकड़े इस अनुमान से काफी बेहतर और स्थिर स्थिति में हैं। गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल यानी GCC क्षेत्र में भी साल 2025 के दौरान औसत महंगाई दर 1.8% दर्ज की गई थी, जो यह बताती है कि पूरे खाड़ी क्षेत्र में आर्थिक हालात काफी हद तक संतुलित दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।