Saudi Arabia में अल-तुवाल पर मिसाइल हमला, सऊदी सिविल डिफेंस ने जारी किया नुकसान का वीडियो.

सऊदी अरब के जाज़ान क्षेत्र में एक बार फिर से सुरक्षा से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है जहाँ अधिकारियों ने एक प्रोजेक्टाइल हमले के बाद हुए नुकसान का वीडियो फुटेज जारी किया है। यह घटना शनिवार, 12 सितंबर 2026 की रात को अल-तुवाल गवर्नरट में घटी जिसके बाद से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त कर दिया गया है। इस खतरनाक हमले की वजह से आम नागरिकों की जिंदगी पर असर पड़ा है और कई महत्वपूर्ण सार्वजनिक तथा निजी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है जिसके वीडियो अब सामने आ चुके हैं।
हमले में दो लोग घायल और कई इमारतें क्षतिग्रस्त
सऊदी अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार इस हमले की वजह से कुल दो लोग घायल हुए हैं जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया जहाँ उनका इलाज चल रहा है। इस मिसाइल या प्रोजेक्टाइल स्ट्राइक की वजह से एक स्थानीय मस्जिद को बहुत नुकसान पहुंचा है इसके अलावा कई रिहायशी इमारतें और कई वाहन भी इसकी चपेट में आ गए। सऊदी सिविल डिफेंस ने तुरंत इस घटना की पुष्टि की और देश के नागरिकों को राहत देने के लिए तुरंत आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल यानी इमरजेंसी प्लान लागू कर दिया ताकि स्थिति को जल्द से जल्द कंट्रोल में लाया जा सके।
अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन
सऊदी प्रशासन ने इस प्रकार नागरिक बुनियादी ढांचे और आम लोगों को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के हमलों से आम जनता की जान को खतरा पैदा होता है जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जा सकता है। सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासियों और काम के सिलसिले में वहां मौजूद भारतीय नागरिकों के लिए भी ऐसे हालात चिंता का विषय बनते हैं क्योंकि सुरक्षा एजेंसियां हर स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखती हैं ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
यमन के हूती विद्रोहियों का दावा और क्षेत्रीय तनाव
दूसरी तरफ इस सऊदी रिपोर्ट के बिल्कुल उलट हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सaree ने 13 सितंबर 2026 को एक अलग ही बयान जारी किया जिसमें उन्होंने सऊदी अरब के दक्षिणी नजराना प्रांत के शरूराह में स्थित एक सैन्य ठिकाने पर ड्रोन और मिसाइल से हमला करने की जिम्मेदारी ली है। हूती प्रवक्ता ने दावा किया कि उनके निशाने पर वहां के हथियार गोदाम और कमांड सेंटर थे और उन्होंने इस कार्रवाई को यमन के अंदर चल रहे सऊदी के नेतृत्व वाले हमलों का बदला बताया है। हालांकि सऊदी अधिकारियों ने शरूराह की इस सुविधा को लेकर किए गए हूती दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
जुलाई 2026 से बढ़ा क्षेत्रीय संघर्ष
यह पूरा मामला ऐसे समय में सामने आया है जब क्षेत्र में तनाव का माहौल लगातार बढ़ता जा रहा है और जुलाई 2026 में यमन का संघर्ष फिर से भड़क उठा था। हूती गुट ने पिछले कुछ दिनों में लाल सागर के तटीय इलाकों और कुछ रणनीतिक द्वीपों पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है और वे लगातार ऐसी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। इससे पहले यूरोपीय संघ ने भी 8 सितंबर 2026 को हूती हमलों की कड़ी आलोचना की थी जिसमें सऊदी अरब के नागरिक और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाया गया था और उन हमलों में करीब 73 लोग घायल हो गए थे। उस समय यूरोपीय संघ ने इन हमलों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों 2722 (2024) और 2826 (2026) का खतरनाक उल्लंघन करार दिया था। इसके अलावा रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने हाल ही में अमेरिका से हूती ठिकानों पर सैन्य हमले करने का अनुरोध किया था जिसे अमेरिकी पक्ष ने ठुकरा दिया था।