Saudi Arabia में बड़ा हमला, रियाद एयरपोर्ट के पास अरामको फ्यूल टैंक में लगी भीषण आग.

शनिवार की रात को सऊदी अरब (Saudi Arabia) की राजधानी रियाद में जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। यमन मोर्चे पर इस महीने संघर्ष बढ़ने के बाद यह पहला मौका है जब सऊदी राजधानी को एयर-रेड अलर्ट पर रखा गया है। Saudi Civil Defence ने देश भर में मोबाइल फोन पर एक जरूरी अलर्ट जारी किया, जिसमें एक खतरनाक हवाई खतरे की चेतावनी दी गई। इस चेतावनी में रियाद और अल-खार्ज के सभी रहने वाले लोगों को अपने घरों के अंदर ही रहने के निर्देश दिए गए थे ताकि किसी भी बड़े खतरे से बचा जा सके।
अरामको फ्यूल टैंक में धमाका और उड़ानों पर असर
इन जोरदार धमाकों के तुरंत बाद, किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थित Aramco के फ्यूल स्टोरेज टैंक में एक बहुत बड़ी आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि उससे निकलने वाला काला धुआं दूर-दूर तक आसमान में दिखाई दे रहा था। इस घटना के बाद विमानन क्षेत्र पर बहुत बुरा असर पड़ा है। FlightRadar24 की रिपोर्ट के मुताबिक, हवाई यात्रा में भारी बाधा आई है और कई उड़ानों को या तो देर से रवाना किया गया या फिर पूरी तरह से रद्द करना पड़ा। जो लोग सफर करने वाले थे, उन्हें एयरपोर्ट पर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
यह पूरी घटना ईरान समर्थित हूती बलों और यमन में सऊदी समर्थित सैनिकों के बीच हफ़्तों से चल रही झड़पों के बाद सामने आई है। हूती बलों का दावा है कि पिछले 24 घंटों में सऊदी लड़ाकू विमानों ने 26 हवाई हमले किए और पिछले एक हफ्ते में यह आंकड़ा 300 के पार चला गया है। हालांकि सऊदी अधिकारियों ने रियाद के धमाकों और अरामको साइट पर लगी आग के कारणों की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक किसी भी अधिकारी ने आधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया है कि इस हमले में किस हथियार का इस्तेमाल किया गया था या इसके पीछे कौन सा गुट या देश जिम्मेदार है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और परिवहन पर असर
घटनास्थल पर एक एएफपी पत्रकार ने अरामको के लोगो वाले एक क्षतिग्रस्त टैंक पर मरम्मत का काम करते हुए लोगों को देखा, जबकि रॉयटर्स ने एयरपोर्ट हाईवे और टर्मिनल के पास काले धुएं के गुबार को अपने कैमरे में कैद किया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने आम जनता को घटनास्थल के पास इकट्ठा होने या वहां वीडियोग्राफी करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सऊदी के आम नागरिकों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हुए इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इस बढ़ते तनाव को तुरंत रोकने की अपील की है।
यमन में चल रही आमने-सामने की लड़ाई की वजह से हजारों लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हो चुके हैं। इस क्षेत्रीय अस्थिरता की शुरुआत फरवरी में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद हुए छह महीने के संघर्ष से हुई थी, जिसके बाद तेहरान ने उन खाड़ी देशों (GCC Capitals) को निशाना बनाना शुरू कर दिया जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। ओमान में हो रही कूटनीतिक बातचीत भी सऊदी और ईरान के बीच अटकी चर्चाओं के बाद स्थगित कर दी गई है।
परिवहन पर पड़े इस असर का दायरा पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैल गया है। Flydubai ने बहरीन, आभा और यान्बू के लिए अपनी सभी सेवाएं रद्द कर दी हैं। इसके अलावा अबू धाबी और शारजाह से कुवैत और बहरीन जाने वाले फ्लाइट रूट पर भी उड़ानों को रद्द करना पड़ा है। वहीं दूसरी ओर, ईरान ने एक ऐसे व्यक्ति को फांसी दे दी है जिसे इसराइल को इस्फहान के सैन्य ठिकानों से जुड़ी जानकारी लीक करने के दोषी पाया गया था। ईरान ने यह भी दावा किया कि उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बिना अनुमति के चल रहे टोगो-झंडे वाले एक टैंकर को निशाना बनाया, जबकि एक अन्य अज्ञात पोत पर भी इसी इलाके में प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से यह अपील की है कि चल रहे संघर्ष में कमर्शियल शिपिंग को किसी भी तरह का मोहरा न बनाया जाए और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।